बिछू की अगुवाई में भारतीय डिफेंस ने साहसिक प्रदर्शन किया लेकिन पेरिस ओलंपिक और पिछले तीन बार की वर्ल्ड चैम्पियन नीदरलैंड की टीम ने एफआईएच वर्ल्ड कप के दूसरे दौर के पहले मुकाबले में शुक्रवार को 2-0 से जीत दर्ज की।
नीदरलैंड टीम पेरिस ओलंपिक और पिछले वर्ल्ड कप में एक भी मैच नहीं हारी। इसके अलावा एफआईएच प्रो लीग के पिछले सत्र में सिर्फ दो मैच गंवाये थे।
वेगनेर स्टेडियम पर डच समर्थक आरेंज जर्सी पहनकर आये थे जो आज भारत की जर्सी का रंग था जबकि सह मेजबान टीम नीली जर्सी में खेली।
नीदरलैंड ने पहले दौर में जापान को 9-0 से, आस्ट्रेलिया को 4-2 से और चिली को 2-0 से हराया था जबकि भारतीय टीम भी अपराजेय रहते हुए दूसरे दौर में पहुंची। भारत ने चीन को 2-2 से और इंग्लैंड को 0-0 से ड्रॉ पर रोका जबकि दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से मात दी।
नीदरलैंड ने अपेक्षा के अनुरूप बेहद आक्रामक शुरूआत करते हुए दूसरे ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर बनाया जिस पर टूर्नामेंट में अब तक सर्वाधिक छह गोल कर चुकी उसकी ड्रैग फ्लिकर यिब्बी यानसेन ने सातवां गोल दागा।
पहला गोल जल्दी गंवाने के बाद भारतीय डिफेंस ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए नीदरलैंड के स्ट्राइकरों को बांधे रखा। पांचवें मिनट में इंग्लैंड को सर्कल में बाधित होने के कारण रेफरल पर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर यिब्बी के तूफानी शॉट को बिछू ने बायां पैर आगे करके कुशलता से रोका।
इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी पूल मैच में अंतिम 30 सेकंड में गोल बचाने वाली बिछू ने उसी लय को कायम रखते हुए अगले मिनट फिर शानदार बचाव किया। भारतीय खिलाड़ी आठवें मिनट में पहली बार डच हाफ में घुसे फाउल से नीदरलैंड को फ्रीहिट मिल गई। बारहवें मिनट में नीदरलैंड की पियेन सैंडर्स का निशाना चूक गया।
इसके अगले मिनट पलटवार में सलीमा टेटे गेंद लेकर आगे बढी लेकिन सर्कल पर से उनका शॉट सटीक निशाने पर नहीं लगा। मेजबान टीम को इसी मिनट मिले पास पर यिब्बी का शॉट गोलपोस्ट से टकरा गया।
दूसरे क्वार्टर में गोल के सामने सविता पूनिया का अनुभव काम आया और डच टीम कई हमलों के बावजूद गोल नहीं कर सकी। भारत को 19वें मिनट में लालरेम्सियामी ने पेनल्टी कॉर्नर दिलाया जिस पर गेंद पहले रशर से टकराने के बाद लगातार दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन दीपिका के शॉट पर गेंद पहले रशर की स्टिक से टकराकर बाहर निकल गई। भारत को लांग कॉर्नर मिला लेकिन गेंद हाथ से निकल गई।
नवनीत ने 22वें मिनट में हवा में आई गेंद को रोककर गोल पर शॉट लगाया लेकिन गेंद बाहर की ओर निकल गई। डच खिलाड़ी 28वें मिनट में बायीं ओर से हमला करने बढे और सर्कल के बीच में पास दिया। गोल के सामने प्रयास किया लेकिन सविता को चकमा नहीं दे सके।
अगले ही मिनट पियेन डिके के शॉट को सविता ने आगे की ओर दौड़कर रोक दिया। गेंद अभी भी सर्कल में थी और सलीमा ने रिबाउंड पर प्रयास को नाकाम कर दिया। दूसरे क्वार्टर के आखिरी मिनट में ब्यूटी डुंगडुंग को ग्रीन कार्ड मिलने से भारत के दस खिलाड़ी ही दो मिनट तक मैदान पर थे।
हाफटाइम तक नीदरलैंड के पास सिर्फ एक गोल की बढत थी। आधे घंटे से अधिक समय में गोल नहीं कर सकी नीदरलैंड टीम ने तीसरे क्वार्टर में तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किये। ब्रेक के बाद तीसरे ही मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर यिब्बी के प्रयास को फर्स्ट रशर सलीमा ने विफल किया। पलटवार में सुनेलिटा टोप्पो गेंद लेकर डी के भीती गई लेकिन डच गोलकीपर ने पैर से रोककर गेंद आराम से बाहर निकाल दी।
इसके तीन मिनट बाद नीदरलैंड को मिले पांचवें पेनल्टी कॉर्नर पर फ्रेडरिक माल्टा के शॉट पर गेंद भारतीय डिफेंडर के पैर से टकराकर गोल के भीतर गई। दो मिनट बाद माल्टा पेनल्टी कॉर्नर तब्दील नहीं कर सकी।
चौथे क्वार्टर में भारतीयों ने प्रयास किये लेकिन फिनिश तक नहीं ले जा सके। गेंद पर नियंत्रण गंवाने की कमजोरी भारतीय टीम पर भारी पड़ी। वहीं हूटर से पांच मिनट पहले नीदरलैंड के स्ट्राइकरों ने भारतीय गोल पर लगातार हमले बोले लेकिन सविता ने मुस्तैदी दिखाते हुए पहला और रिबाउंड प्रयास रोक दिया।
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