भारत और इटली के बीच आर्थिक संबंध मजबूत और लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इटली, यूरोपीय संघ (EU) में भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। कोविड-19 महामारी के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
दोनों देश के बीच व्यापार
2025 में भारत-इटली के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 14.25 अरब यूरो रहा। भारत का इटली को निर्यात 8.55 अरब यूरो और इटली से आयात 5.70 अरब यूरो रहा। व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में 2.84 अरब यूरो है। 1988 से लगातार भारत के पक्ष में व्यापार अधिक बना हुआ है।
- 2022 में व्यापार चरम पर पहुंचा (लगभग 14.86 अरब यूरो)।
- 2021 में कोविड के बाद 44% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
मुख्य निर्यात वस्तुएं (भारत से इटली)
इलेक्ट्रिकल मशीनरी, लोहा एवं इस्पात, कार्बनिक रसायन, मशीनरी, खनिज ईंधन, वाहन, चाय-कॉफी-मसाले, आभूषण, परिधान, चमड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, जूते, प्लास्टिक, रबर आदि।
मुख्य आयात वस्तुएं (इटली से भारत)
बॉयलर एवं मशीनरी, इलेक्ट्रिकल उपकरण, कार्बनिक रसायन, चिकित्सा उपकरण, प्लास्टिक, लोहा-इस्पात, फर्नीचर, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, इत्र-प्रसाधन सामग्री आदि।
निवेश और कंपनियां
इटली, भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के मामले में 19वें स्थान पर है। अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 तक इटली का कुल FDI 3.66 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इसमें ऑटोमोबाइल, ट्रेडिंग, औद्योगिक मशीनरी, सेवाएं और इलेक्ट्रिकल उपकरण प्रमुख क्षेत्र हैं।
भारत में 700+ इतालवी कंपनियां
भारत में 700 से अधिक इतालवी कंपनियां सक्रिय हैं, जिनमें फैशन, गारमेंट्स, टेक्सटाइल, ऑटोमोटिव, इंफ्रास्ट्रक्चर, केमिकल, एनर्जी और इंश्योरेंस जैसे क्षेत्र शामिल हैं। भारतीय कंपनियां इटली में मुख्य रूप से आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रमुख नामों में TCS, महिंद्रा, टाटा, अदित्य बिरला, सन फार्मा, जाइडस कैडिला, वैरॉक आदि शामिल हैं।
2025 में इतालवी निवेश ने भारत में तेजी दिखाई और पहले छह महीनों में ही 500 मिलियन यूरो से अधिक पहुंच गया। TIM ग्रुप की कंपनी Sparkle ने Airtel के साथ साझेदारी में Blue-Raman सबमरीन केबल परियोजना शुरू की है।
भविष्य की संभावनाएं और समझौते
दोनों देशों के बीच Joint Strategic Action Plan 2025-29 लागू है, जिसमें Industry 4.0, डिजिटलाइजेशन, सस्टेनेबल मोबिलिटी, स्पेस, एग्रीटेक, एनर्जी ट्रांजिशन और कनेक्टिविटी (IMEEC कॉरिडोर सहित) जैसे क्षेत्रों पर फोकस है।
जनवरी 2026 में भारत-यूरोपीय संघ के बीच FTA (Free Trade Agreement) के समझौते पर मुहर लगी, जिसे “Mother of All Deals” कहा जा रहा है। इससे टेक्सटाइल, चमड़ा, जूते, आभूषण, मसाले, आईटी सेवाएं आदि क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
इटली की SIMEST संस्था ने सितंबर 2025 से “Strategic Support for the Indian Market” योजना शुरू की है, जो भारतीय बाजार में विस्तार करने वाली इतालवी कंपनियों को उत्पादन, नवाचार और प्रशिक्षण के लिए सहायता प्रदान करती है।
व्यापार 20 अरब यूरो तक ले जाने का लक्ष्य
भारत तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में विश्व पटल पर अपनी जगह बना रहा है, जबकि इटली यूरोप में टेक्नोलॉजी इनोवेशन, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र है। दोनों देशों के पूरक आर्थिक ताकतों से भविष्य में व्यापार को 20 अरब यूरो तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह साझेदारी न केवल व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगी, बल्कि रोजगार सृजन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और सतत विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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