भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (टीपीसीआई) ने बुधवार को कहा कि भारत से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को खाद्य और पेय पदार्थों के निर्यात को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं, क्योंकि इस पश्चिम एशियाई देश को इन उत्पादों का भारत का निर्यात केवल 3.6 अरब डॉलर का रहा है। वहीं यूएई का इन उत्पादों का कुल आयात 22 अरब डॉलर का था।
भारत से यूएई को खाद्य और पेय पदार्थों का निर्यात वर्ष 2021 में 2.3 अरब डॉलर से बढ़कर वर्ष 2025 में 3.6 अरब डॉलर का हो गया, जो 11.3 प्रतिशत की सालाना वृद्धि को दर्शाता है।
वर्ष 2025 में यूएई में इस क्षेत्र से कुल आयात लगभग 22 अरब डॉलर का रहा है।
टीपीसीआई ने कहा कि ये आंकड़े यूएई के बाजार में बढ़ती मांग और साथ ही मुख्य खाद्य पदार्थों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, मांस उत्पादों, पेय पदार्थों और कृषि वस्तुओं के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं।
टीपीसीआई के चेयरमैन मोहित सिंगला ने कहा कि यूएई दुनिया के उन देशों में से एक है जो खाद्य आयात पर सबसे ज्यादा निर्भर हैं; यह अपनी जरूरतों का लगभग 85 से 90 प्रतिशत आयात करता है और उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने के लिए आयातित खाद्य उत्पादों पर बहुत ज्यादा निर्भर रहता है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत को यूएई के सबसे भरोसेमंद खाद्य आपूर्तिकर्ताओं में से एक माना जाता है, जिसकी बाजार में लगभग 10 प्रतिशत हिस्सेदारी है। भारत-यूएई व्यापार संबंधों के मजबूत होने और खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक और गुणवत्ता प्रणालियों में बढ़ते निवेश के साथ, भारत, यूएई के खाद्य और पेय आयात बाजार में अपनी हिस्सेदारी को और बढ़ाने के लिए अच्छी स्थिति में है।
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