दुनियाभर में हर 24 घंटे में 89 नए लोग ‘सुपर-रिच’ क्लब में शामिल हो रहे हैं। ये सुपर-रिच लोग वे हैं जिनकी संपत्ति 3 करोड़ डॉलर (करीब 282 करोड़ रुपए) से ज्यादा है। बीते पांच साल में ऐसे सुपर रिच की संख्या 162,191 बढ़ी है। नाइट फ्रैंक की वेल्थ रिपोर्ट 2026 के मुताबिक यह 2021 में 5.51.435 थी. जो 2026 तक बढ़कर 7,13,626 हो गई। भारत में भी यह तस्वीर उत्साहजनक है। यहां ऐसे बड़े अमीरों की संख्या 2021 में करीब 12,000 से बढ़कर 2026 में 19,877 हो गई, जो 63% की बढ़त है। 2031 तक यह संख्या 27% और बढ़कर 25,217 तक पहुंचने का अनुमान है। 207 अरबपतियों के साथ भारत फिलहाल तीसरे स्थान पर है। अनुमान है कि 2031 तक देश में अरबपति 51% बढ़कर 313 हो जाएंगे। हालांकि ग्लोबल अल्ट्रा-वेल्थ में भारत की हिस्सेदारी अभी मात्र 2.8% है, लेकिन इसकी रफ्तार लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक अगले पांच साल में इंडोनेशिया में अमीरों की संख्या सबसे ज्यादा 82% बढ़ेगी। सऊदी अरब और पोलैंड में यह वृद्धि 63% रहने का अनुमान है। वियतनाम में भी 59% की बढ़त के साथ नए वेल्थ हब उभर रहे हैं। दबदबा – 4 साल में बने नए सुरपरिच 41% अमेरिका में दुनिया के सुपर रिच लोगों में अमेरिका की हिस्सेदारी 2021 में 33% थी, जो बीते पांच साल में बढ़कर 2026 में 35% हो गई है। साल 2031 तक इनकी हिस्सेदारी 41% तक पहुंचने का अनुमान है। बीते 4 साल में बने सभी नए सुपर रिच में से 41% अकेले अमेरिका से हैं। अरबपति – एशिया-प्रशांत में 1,116; अमेरिका को पछाड़ा दुनिया में 3,110 अरबपति हैं। इसमें एशिया-प्रशांत 1,116 के साथ पहले स्थान पर है। इसने 965 अरबपतियों वाले उत्तरी अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। पांच साल में सऊदी अरब में अरबपतियों की संख्या सबसे तेजी से 183% बढ़ेगी। इसके बाद पोलैंड में 123%. स्वीडन में 81% बढेगी।
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