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सरकार ने 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। File
केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। बुधवार को जारी आदेश में यह फैसला लिया गया। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है।
इस फैसले से देश में सोना-चांदी की मांग पर असर पड़ सकता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। हालांकि, इससे देश का व्यापार घाटा कम हो सकता है और रुपए को कुछ सहारा मिल सकता है। रुपया कल यानी 12 मई को ऑलटाइम लो पर चला गया था। डॉलर के मुकाबले इसकी कीमत 95.50 हो गई थी।
सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बीच में टैरिफ घटाकर 6% किया गया था।

टैक्स बढ़ने से तस्करी बढ़ने की संभावना
वहीं, इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि टैक्स बढ़ने से तस्करी बढ़ सकती है। इससे पहले जब ड्यूटी कम की गई थी, तब स्मगलिंग में कमी आई थी।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सरकार ने करंट अकाउंट डेफिसिट (चालू खाता घाटा) को काबू में रखने के लिए यह कदम उठाया है। पहले से ही ऊंची कीमतों के बीच यह फैसला मांग को प्रभावित कर सकता है।
30 साल के निचले स्तर पर पहुंच सकता है आयात
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में भारत का सोना आयात पिछले तीन दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकता है। बैंकों पर अचानक 3% इंटीग्रेटेड GST की मांग आने के बाद उन्होंने शिपमेंट रोक दिया है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर है।
वित्त वर्ष 2026 में भारत ने हर महीने औसतन 60 टन सोना आयात किया है। इस पर हर महीने करीब 6 अरब डॉलर यानी करीब 57 हजार करोड़ रुपए का खर्च आया।
पीएम ने दो बार कहा- एक साल तक सोना न खरीदें
पीएम मोदी लगातार दो दिन (10 और 11 मई को) देशवासियों से 1 साल तक सोना न खरीदने की अपील कर चुके हैं। पीएम ने कहा था…
एक समय था, जब संकट आने पर देशहित में लोग सोना दान दे देते थे। आज दान की जरूरत नहीं है, लेकिन देशहित में हमें यह तय करना होगा कि सालभर तक घर में कोई कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमारी देशभक्ति हमें चुनौती दे रही है और हमें यह स्वीकार करके विदेशी मुद्रा बचानी होगी।

ऐसा क्यों कहा: भारत अपने इस्तेमाल का करीब 99% सोना विदेशों से खरीदता है। 2025-26 में सोने का ये इम्पोर्ट बिल करीब 6.4 लाख करोड़ रुपए का था। विदेशों से खरीदे जाने वाले सामान के कुल खर्चे में 9% हिस्सेदारी के साथ सोना दूसरे नंबर पर है।
मोदी की इस अपील के बाद 11 मई को कल्याण ज्वेलर्स और सेन्को गोल्ड के शेयर 10-10% तक टूटे थे। देश की सबसे बड़ी ज्वेलरी कंपनी टाइटन के शेयर में 7% की गिरावट आई थी। पीएन गाडगिल 8%, थंगमयिल ज्वेलरी 6% और अन्य छोटे ज्वेलरी शेयर भी गिरे थे।

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