उन्होंने कहा, ‘‘इन हमलों में कई भारतीय नागरिक घायल हुए, जिनमें कुछ गंभीर रूप से घायल हैं। एक भारतीय नागरिक को अपनी जान गंवानी पड़ी जबकि एक अन्य अब भी लापता है। भारत, नाविकों को निशाना बनाने और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित एवं स्वतंत्र नौवहन बाधित करने वाली सभी हिंसक घटनाओं की लगातार निंदा करता रहा है।’’ भारत ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के हित में संवाद और कूटनीति के रास्ते पर लौटने की पुरजोर वकालत की।
इसे भी पढ़ें: राष्ट्रमंडल खेल: हरजिंदर कौर ने भारोत्तोलन में जीता रजत पदक, भारत को दिलाया सातवां पदक
हरीश ने कहा, ‘‘क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप क्षेत्र के समुद्री मार्गों पर निर्बाध नौवहन और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।’’ अमेरिका और इजराइल के ईरान के खिलाफ जारी युद्ध के बीच छह जुलाई से वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों के बाद ईरान ने 11 जुलाई को एक बार फिर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद घोषित कर दिया। संयुक्त राष्ट्र के एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए आर्थिक एवं सामाजिक आयोग के अनुसार, संघर्ष से पहले प्रतिदिन 100 से अधिक जहाज इस मार्ग से गुजरते थे।
इसे भी पढ़ें: US-Iran War | मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर! होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हमला, अमेरिका की ओर से लगातार 10वें दिन बमबारी
सात जुलाई तक यह संख्या 49 तक पहुंच गई थी, लेकिन जुलाई के मध्य तक घटकर केवल आठ से 15 जहाज प्रतिदिन रह गई। हरीश ने कहा कि इस क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता से भारत के महत्वपूर्ण हित जुड़े हैं क्योंकि भारत का व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति तंत्र पश्चिम एशिया से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि भारत और पश्चिम एशिया के बीच लगभग 180 अरब डॉलर का वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार, 31 अरब डॉलर से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश तथा केवल खाड़ी सहयोग परिषद के देशों से 52 अरब डॉलर से अधिक का वार्षिक प्रेषण (रेमिटेंस) होता है।
इनका भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा प्रभाव है। उन्होंने कहा कि लगभग एक करोड़ भारतीय खाड़ी क्षेत्र में रहकर काम करते हैं और उनकी सुरक्षा एवं कल्याण भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत ने सुरक्षा परिषद में यह भी कहा कि दुनिया का ध्यान केवल होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर केंद्रित है और ऐसे में गाजा पट्टी में जारी गंभीर मानवीय संकट की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
इसे भी पढ़ें: होर्मुज जलडमरूमध्य में एक और जहाज पर हुआ हमला, ब्रिटिश सेना ने जारी किया अलर्ट
हरीश ने कहा कि नागरिकों की मौत और असैन्य बुनियादी ढांचे का विनाश चिंता का बेहद गंभीर विषय है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.