श्रीलंका टेस्ट सीरीज के जसप्रीत बुमराह के रिप्लेसमेंट के रूप में मोहम्मद शमी की जगह आकिब नबी को क्यों चुना गया, इसके पीछे के क्या संभावित कारण हो सकते हैं, विस्तार से जानिए।
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारत की टीम:
शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जयसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन*, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी।
साईं सुदर्शन को स्वास्थ्य जांच के बाद टीम में जगह दी जाएगी या नहीं तय किया जाएगा।
मोहम्मद शमी की जगह आकिब नबी को क्यों चुना गया?
आकिब नबी को जसप्रीत बुमराह का रिप्लेसमेंट बनाए जाने के बाद कई लोगों के मन में यह सवाल है कि आखिर मोहम्मद शमी को क्यों जगह नहीं दी गई। वे भी तो भारतीय टेस्ट टीम के लिए खेलना डिजर्व करते थे। हालांकि, यह भावनात्मक जुड़ाव सीनियर खिलाड़ी के लिए लोगों के मन में जरूर है, लेकिन बीते दो सालों में आकिब नबी डार ने मोहम्मद शमी की तुलना में घरेलू क्रिकेट में बहुत बेहतरीन गेंदबाजी की है। उनके आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं। 2025-26 के रणजी ट्रॉफी सीरीज में आकिब नबी डार ने सर्वाधिक विकेट लिए थे और जम्मू और कश्मीर को इतिहास में पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। इस टूर्नामेंट में आकिब नबी ने 10 मैचों में गेंदबाजी करते हुए 12.57 की बेहतरीन औसत के साथ कुल 60 विकेट लिए थे। इस दौरान उन्होंने 7 पांच विकेट हॉल और 2 चार विकेट हॉल हासिल किए थे। वहीं, मोहम्मद शमी के साल 2025-26 के रणजी ट्रॉफी के आंकड़े देखे जाएं तो उन्होंने कुल 7 मैच खेले जिसमें 16.73 की औसत के साथ कुल 37 विकेट लिए। इस दौरान शमी ने 3 पांच विकेट हॉल और एक चार विकेट हॉल हासिल किया। एक तरफ जहां आकिब नबी इस रणजी सीजन सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों में टॉप पर रहे वहीं मोहम्मद शमी 7वें स्थान पर रहे। रणजी ट्रॉफी 2024-25 में भी आकिब नबी डार ने कुल 8 मैचों की 15 पारियों में 44 विकेट लिए थे। इस दौरान उनका औसत 13.93 था। उन्होंने 6 पांच विकेट हॉल और 2 चार विकेट हॉल लिए थे। मोहम्मद शमी पिछली रणजी ट्रॉफी में चोट से उबर रहे थे। उसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए इंदौर के होल्कर स्टेडियम में मध्य प्रदेश के खिलाफ चार विकेट हासिल किए थे।
मोहम्मद शमी और आकिब नबी डार की घरेलू क्रिकेट में रेड बॉल में तुलना करें तो आकिब नबी डार बहुत आगे नजर आते हैं। हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने स्पष्ट तौर पर नहीं बताया है कि किस कारण मोहम्मद शमी को टीम में नहीं लिया गया है। लेकिन यह संभावना जताई जा रही है कि आकिब की तुलना में कमजोर आंकड़े और शमी की बढ़ती उम्र उनके ना चुने जाने का कारण हो सकती है। मोहम्मद शमी ने अपना आखिरी टेस्ट मैच 2023 में खेला था, ऐसे में यह भी कयास हैं कि इतने दिनों से जब नहीं चुने जा रहे हैं तो इसके पीछे बोर्ड और टीम मैनेजमेंट की युवाओं को मौका देने की सोच भी हो सकती है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.