भारत में नौकरी करने वाले प्रोफेशनल्स को उनके पद यानी Designation के हिसाब से सैलरी नहीं मिलती है। देश में नौकरी करने वाले प्रोफेशनल्स का एक बड़ा तबका इस दर्द को महसूस करता है। इंडस्ट्री में प्रोफेशनल्स के पद और सैलरी के बीच तालमेल की कमी है, जो वर्कप्लेस पर पहचान और मिलने वाली ग्रोथ के बीच बढ़ते अंतर को उजागर करता है। एक सर्वे रिपोर्ट में मंगलवार को ये बातें सामने आई हैं।
1,211 कंपनियां और 2,533 कर्मचारी सर्वे में हुए शामिल
Indeed की तिमाही हायरिंग ट्रैकर रिपोर्ट के मुताबिक, 10 में लगभग 6 लोगों ने कहा कि उनका पद, उनकी सैलरी को नहीं दर्शाता है। ये रिपोर्ट देश की 1,211 कंपनियों और 2,533 कर्मचारियों से मिले सुझावों पर आधारित है।
इंडस्ट्री में बढ़ा-चढ़ाकर पद देना हुई आम बात
रिपोर्ट में कहा गया कि इंटरव्यू में शामिल लगभग 80 प्रतिशत कर्मचारियों का मानना था कि इंडस्ट्री में बढ़ा-चढ़ाकर पद देना आम बात हो गई है और उन्होंने अपने सहकर्मियों को सैलरी में बिना किसी समान बढ़ोतरी के ज्यादा सीनियर लगने वाले पद पाते देखा है।
हमेशा से एक प्रोफेशनल की पहचान रहा है उसका पद
इंडीड इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर शशि कुमार ने कहा, ”पद हमेशा एक प्रोफेशनल की पहचान रहा है। पद सार्थक बने रहते हैं क्योंकि वे मौकों और क्षमता का संकेत देते हैं, लेकिन वे तब सबसे ज्यादा प्रभावी होते हैं जब वे वास्तविक करियर ग्रोथ को दर्शाते हैं।”
इस साल मई और जून में किया गया था सर्वे
ये रिपोर्ट इंडीड की ओर से वैल्यूवॉक्स द्वारा मई और जून, 2026 में किए गए एक सर्वे पर आधारित है। रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले 2 सालों में पद में बदलाव पाने वाले लगभग 3 में से 1 कर्मचारी ने कहा कि ये या तो बिना किसी सैलरी हाइक के या फिर 5 प्रतिशत से भी कम की सैलरी हाइक के साथ मिला। इसके साथ ही, 52 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे किसी नए मौके के लिए विचार करते समय बेहतर पद के बजाय ज्यादा सैलरी को चुनेंगे।
भविष्य में करियर के मौकों को तय करने में पद की अहम भूमिका
दिलचस्प बात ये है कि रिपोर्ट से ये भी पता चला है कि प्रोफेशनल्स जॉब टाइटल को पूरी तरह से नजरअंदाज भी नहीं कर रहे हैं। 70 प्रतिशत लोगों का मानना है कि भविष्य में करियर के मौकों को तय करने में उनके पद की अहम भूमिका होती है, जबकि लगभग 73 प्रतिशत लोगों को लगता है कि एक बेहतर पद से कंपनी की नजर में उनकी छवि बेहतर बनती है।
PTI Inputs
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