दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से कंप्यूटर साइंस में B.Tech की पढ़ाई पूरी करने के बाद विशाखा को बेंगलुरु में Cisco में सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी मिली।
पिता हैं दरोगा
विशाखा यादव दिल्ली के द्वारका की रहने वाली हैं। उनके पिता राजकुमार यादव दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर हैं, जबिक मां गृहणी हैं। विशाखा के पेरेंट्स ने हमेशा सपोर्ट किया है। खासकर मां हर कदम पर उनके साथ खड़ी रही हैं। विशाखा कई इंटरव्यू में कह चुकी हैं कि वो आज जो कुछ भी हैं उसके पीछे मां का सपोर्ट है, जिन्होंने हमेशा साथ दिया।
बीटेक के बाद सिस्को कंपनी में नौकरी
दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से कंप्यूटर साइंस में B.Tech की पढ़ाई पूरी करने के बाद विशाखा को बेंगलुरु में Cisco में सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी मिली। इस नौकरी ने उन्हें आर्थिक स्थिरता, बेहतर करियर और आरामदायक जीवन दिया।
आईएएस बनने का आया विचार
लेकिन जब उनके करियर में सब कुछ सही दिशा में आगे बढ़ रहा था, तब भी विशाखा के मन में जनसेवा की ओर जाने की एक गहरी इच्छा थी। उन्हें महसूस हुआ कि उनका लक्ष्य सिर्फ एक अच्छी नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि लोगों और समाज के लिए काम करना है। बस, इसी प्रेरणा के साथ विशाखा ने अपनी नौकरी से इस्तीफा देकर UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।
मिली 2 असफलता
जैसा कि मैने पहले ही बताया उनकी राह आसान नहीं थी। पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली और दूसरे प्रयास में भी असलता ही मिली। लगातार दो असफलताओं के बाद न सिर्फ दूसरे लोग, बल्कि खुद विशाखा के मन में भी कई सवाल उठने लगे। हालांकि, विशाखा ने इन सवालों का जवाब शब्दों से देने के बजाय अपनी मेहनत और लगातार प्रयास से देने का फैसला किया। उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी तैयारी जारी रखी और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा।
असफलताओं को रणनीति में बदला
विशाखा ने अपनी UPSC तैयारी के लिए पूरी तरह सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया। उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान में दाखिला लिए बिना खुद को साबित करने का फैसला किया। अपनी तैयारी के दौरान उन्होंने कॉन्सेप्ट की समझ, डेली रिवीजन और अनुशासित पढ़ाई पर खास ध्यान दिया। हर प्रयास के बाद उन्होंने अपनी रणनीति में जरूरी बदलाव किए और धीरे-धीरे अपनी तैयारी को और मजबूत करती गईं।
तीसरे प्रयास में हासिल की सफलता
दो प्रयासों में असफल होने के बाद आखिरकार विशाखा की मेहनत रंग लाई। UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2019 के तीसरे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की। उन्हें कुल 2025 में से 1046 अंक मिले। इस सफलता के साथ उन्होंने सिविल सेवा में जगह बनाई और देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों में शामिल हो गईं।
दिल्ली के आउटर नॉर्थ की मिली है जिम्मेदारी
विशाखा ने 2020 बैच में AGMUT कैडर के तहत IAS की सेवा ज्वाइन की। उनकी शुरुआती पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश में हुई, जहां उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालते हुए अनुभव हासिल किया। इसके बाद उनका तबादला दिल्ली कर दिया गया। वर्तमान में विशाखा यादव दिल्ली के आउटर नॉर्थ जिले की जिला मजिस्ट्रेट (DM) के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इस पद पर रहते हुए उनके फैसलों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन पर असर पड़ता है।
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