कुछ आईएएस अधिकारी अपने तेज-तर्रार प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। इन्हीं में से एक नाम दुर्गाशक्ति नागपाल का है। वर्तमान में वो देवीपाटन मंडल की कमिश्नर हैं। उनका नाता कई विवादों से भी रहा है। लेकिन आज हम आपको उनकी सक्सेस स्टोरी के बारे में बताएंगे।
दुर्गाशक्ति नागपाल की यूपीएससी रैंक
दुर्गाशक्ति नागपाल आगरा की रहने वाली हैं। पढ़ाई में काफी तेज थी। उन्होंने इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर विमेन से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 20 के साथ UPSC परीक्षा पास की।
बता दें कि शुरूआत में दुर्गाशक्ति नागपाल को पंजाब कैडर मिला था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मोहाली से की। जहां उन्होंने जमीन से जुड़ी अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद उन्होंने पूर्व आईएएस अभिषेक सिंह से शादी कर ली। जिसके उनका ट्रांसफर यूपी कैडर में हो गया।
दिलचस्प है लव स्टोरी
दुर्गाशक्ति नागपाल और अभिषेक सिंह काफी चर्चिच IAS कपल हैं। इनकी हर छोटी-बड़ी बात, चर्चा का विषय बन जाती है। ये दोनों कभी अपने काम-काज के तरीके तो कभी पर्सनल लाइफ को लेकर खबरों में रहते हैं। दुर्गा शक्ति नागपाल 2009 बैच की आईएएस ऑफिसर हैं और वहीं, उनके पति पूर्व आईएएस अभिषेक सिंह 2011 बैच के अफसर हैं। इन दोनों आईएएस अफसरों ने साल 2011 में शादी की थी।
पति दे चुके हैं आईएएस से इस्तीफा
पूर्व आईएएस अभिषेक सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर से हैं। साल 2011 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 94 हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जगह बनाई थी। साल 2022 में उन्हें गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए इलेक्शन ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था। हालांकि, चुनाव ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर एक तस्वीर सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें प्रेक्षक की जिम्मेदारी से हटा दिया। इसके बाद उनके खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई भी की गई। सस्पेंड होने के कुछ महीने बाद, अक्टूबर 2023 में अभिषेक सिंह ने अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया था। अब वो एक्टिंग की दुनिया में व्यस्त हैं।
सस्पेंड हो चुकी हैं दुर्गाशक्ति नागपाल
बता दें कि 2013 में पहली बार वह नोएडा में अपनी पोस्टिंग के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आईं। उस समय बतौर एसडीएम उन्होंने अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई की। इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ा। उनकी इस कार्रवाई के कारण तत्कालीन सपा सरकार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। इसे बाद IAS एसोसिएशन ने विरोध जताया।
बांदा की रह चुकी हैं डीएम
बता दें कि 2013 में सस्पेंशन रद होने के बाद नागपाल को कानपुर देहात में जॉइंट मजिस्ट्रेट पद पर नियुक्ति मिली। इसके बाद वह लखीमपुर खीरी और बांदा में डीएम रहीं। अप्रैल 2026 में उनको प्रमोट कर देवीपाटन मंडल का कमिश्नर बनाया गया है।
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