कढ़ाई पनीर का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। होटल या रेस्टोरेंट जैसी कढ़ाई पनीर का असली राज इसके खास मसाले में छिपा होता है, जिसे कढ़ाई मसाला कहा जाता है। सही मसालों का संतुलन ही इस डिश को बाकी पनीर रेसिपीज़ से अलग और बेजोड़ बनाता है। ढाबे या रेस्तरां में जो हल्का दरदरा और तीखा स्वाद मिलता है, वह बाजार के डिब्बाबंद मसालों से कभी नहीं आ सकता। ऐसे में आप घर पर ही बाजार जैसा स्पाइसी मसाला तैयार कर सकते हैं। यहां जान लें सही तरीका।
सामग्री
- साबुत धनिया: 3 बड़े चम्मच
- साबुत जीरा: 1.5 बड़ा चम्मच
- हरी इलायची: 3-4
- काली मिर्च के दाने: 1 छोटा चम्मच
- लौंग: 4-5
- दालचीनी: 1 छोटा टुकड़ा
- बड़ी इलायची: 1
- सौंफ: 1 छोटा चम्मच
- सूखी लाल मिर्च: 5-6 (स्वाद और तीखेपन के अनुसार)
- कसूरी मेथी: 1 बड़ा चम्मच
मसाला बनाने का तरीका
धीमी आंच पर भूनें: एक भारी तले की कढ़ाई या पैन लें। उसमें कसूरी मेथी को छोड़कर बाकी सभी साबुत मसाले जैसे धनिया, जीरा, इलायची, लौंग, दालचीनी, काली मिर्च, सौंफ और सूखी लाल मिर्च डालें।
सुगंध आने तक पकाएं: मसालों को बिना तेल के सूखी आंच पर 3 से 4 मिनट तक धीमी आंच पर भूनें। जब मसालों से भीनी-भीनी खुशबू आने लगे और उनका रंग हल्का सुनहरा हो जाए, तब गैस बंद कर दें।
कसूरी मेथी मिलाएं: गैस बंद करने के तुरंत बाद इसमें कसूरी मेथी डालें। गर्म पैन की गर्माहट से ही मेथी हल्की कुरकुरी हो जाएगी।
ठंडा करें: मसालों को एक प्लेट में निकालकर पूरी तरह ठंडा होने दें। गर्म मसाले पीसने से वे तेल छोड़ देते हैं और उनका स्वाद खराब हो सकता है।
दरदरा पीसें: ठंडे मसालों को मिक्सी के छोटे जार में डालें। मिक्सी को लगातार चलाने के बजाय रुक-रुक कर चलाएं। ध्यान रखें कि मसाले का महीन पाउडर नहीं बनाना है, इसे हल्का दरदरा ही रखना है। कढ़ाई पनीर के मसाले का दरदरापन ही इसकी असली पहचान है। साबुत धनिया और काली मिर्च के छोटे टुकड़े जब दांतों के नीचे आते हैं, तो वही स्पाइसी ढाबा फ्लेवर मिलता है।
रंग और तीखापन: अगर आपको गहरा लाल रंग पसंद है, तो सामान्य लाल मिर्च के साथ 2-3 कश्मीरी सूखी लाल मिर्च भी मिला लें। इससे बिना ज्यादा तीखेपन के बेहतरीन रंग आएगा। इस मसाले को आप किसी एयरटाइट कांच के जार में 2 से 3 महीने तक स्टोर करके रख सकते हैं।
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