दालचीनी को खाने में स्वाद के अलावा औषधीय गुणों के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। डायबिटीज में होने वाले ब्लड शुगर स्पाइक से लेकर इंसुलिन रेजिस्टेंस में दालचीनी की चाय फायदेमंद होती है। लेकिन मार्केट में मिलने वाली कौन सी दालचीनी असली है जो फायदा पहुंचाएगी, जानें…
2 तरह की होती हैं दालचीनी
दरअसल, दालचीनी की 2 वैराइटी होती है। सीलोन दालचीनी जिसका साइंटिफिक नाम है सीनेमोम वेरम जिसे असली दालचीनी बोला जाता है। वहीं दूसरी है कासिया दालचीनी जो दालचीनी की एक वैराइटी है और आमतौर पर इसे ही दालचीनी के नाम से बिकते देखा गया है। लेकिन दोनों के पाउडर में अंतर करना मुश्किल है और असली दालचीनी की पहचान नहीं की जा सकेगी। लेकिन साबुत असली दालचीनी की पहचान करना आसान है क्योंकि रंग, टेक्सचर, महक और स्वाद से इसका पता लगा सकते हैं।
तो चलिए जानें कैसे पता लगाएं
दालचीनी का रंग चेक करें
असली दालचीनी यानि सीलोन दालचीनी का पता लगाना है तो इसके कलर से लगा सकते हैं। ये हल्के भूरे रंग की होती है। वहीं कासिया दालचीनी का रंग गाढ़ा भूरा दिखता है।
दालचीनी की बनावट से पता लगाएं
सीलोन दालचीनी की बनावट खास होती है। पतली महीन छाल किसी सिगार की तरह रोल हुई रहती है और अगर आप इसे देखेंगे तो रोल होने की वजह से इसमे कई परत एक साथ नजर आती है।
वहीं दूसरी तरफ कासिया दालचीनी पेड़ की छाल जैसी नजर आती है जो काफी मोटी और सख्त होती है। इसका ऊपरी भाग गाढ़ा भूरा और उससे थोड़ा हल्का अंदर का रंग दिखता है।
दालचीनी की स्टिक तोड़कर पता लगाएं
सीलोन दालचीनी बिल्कुल पतली और नाजुक होती है। सॉफ्ट होने की वजह से ही ये रोल हुई रहती है और इसे हल्का सा छूएं तो टूट जाती है।
वहीं कासिया दालचीनी सख्त होती है, जिससे इसके छोटे टुकड़े हाथों से करना मुश्किल रहता है।
दालचीनी की महक
सीलोन दालचीनी की महक हल्की मीठी सी और सॉफ्ट होती है। वहीं कासिया दालचीनी की महक तेज और काफी स्ट्रांग लगती है।
टेस्ट से लगा सकते हैं पता
सीलोन दालचीनी का फ्लेवर महक की तरह ही हल्का और थोड़ा मिठास लिए होता है। वहीं कासिया दालचीनी का स्वाद तेज होता है और थोड़ा सा मुंह में रखने पर ही पता चल जाता है।
सीलोन दालचीनी और कासिया दालचीनी में फर्क
कासिया दालचीनी को नकली कहना पूरी तरह से गलत है क्योंकि ये दालचीनी की एक वैराइटी है जो वियतनाम, इंडोनेशिया जैसी जगहों पर ज्यादा होती है और भारतीय खाने में ग्रेवी जैसे मसालों में सालों से इस्तेमाल हो रही है। हालांकि कई बार पैकेट में मिलने वाली दालचीनी को सीलोन दालचीनी या ओरिजनल दालचीनी कहकर बेचा जाता है। ऐसे में जरूरी फर्क की जानकारी होनी चाहिए। चूंकि सीलोन दालचीनी काफी महंगी होती है और इसका स्वाद मिठास लिए सॉफ्ट होता है और ये कासिया की तुलना में ज्यादा औषधीय फायदे वाली होती है।
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