- IPL में रोमांचक एरियल व्यू और सिनेमैटिक शॉट्स इसी से आते हैं।
Spidercam: अगर आप कभी Indian Premier League का मैच ध्यान से देखते हैं तो आपने मैदान के ऊपर हवा में उड़ते एक कैमरे को जरूर देखा होगा. यह कैमरा कभी बल्लेबाज़ के बिल्कुल ऊपर पहुंच जाता है, तो कभी गेंद के पीछे-पीछे दौड़ता नजर आता है. टीवी पर मिलने वाले शानदार एंगल और सिनेमैटिक शॉट्स के पीछे इसी हाईटेक तकनीक का हाथ होता है जिसे Spidercam कहा जाता है. आज Spidercam क्रिकेट ब्रॉडकास्टिंग का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है. यही वजह है कि IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में इसका इस्तेमाल लगभग हर मैच में किया जाता है.
क्या होता है Spidercam?
Spidercam एक फ्लाइंग कैमरा सिस्टम है जो स्टेडियम के ऊपर चार मजबूत तारों के सहारे हवा में चलता है. यह कैमरा मैदान के किसी भी हिस्से तक तेजी से पहुंच सकता है और खिलाड़ियों के बेहद करीब से लाइव वीडियो रिकॉर्ड करता है. इस कैमरे को खासतौर पर स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग के लिए बनाया गया है ताकि दर्शकों को ऐसा अनुभव मिले जैसे वे खुद मैदान के अंदर मौजूद हों.
आखिर कैसे काम करता है Spidercam?
Spidercam को स्टेडियम की छत या चारों कोनों पर लगे मोटराइज्ड सिस्टम से जोड़ा जाता है. इन चारों तारों की लंबाई और दिशा को कंप्यूटर के जरिए कंट्रोल किया जाता है. जैसे ही ऑपरेटर कंट्रोल पैनल से कैमरे को मूव करता है, मोटर तारों को खींचती या ढीला छोड़ती है. इसी वजह से कैमरा ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं और आगे-पीछे बेहद स्मूद तरीके से उड़ता है. इस कैमरे में हाई-रेजोल्यूशन लेंस और स्टेबलाइजेशन सिस्टम लगाया जाता है ताकि तेज स्पीड में भी वीडियो बिल्कुल साफ दिखाई दे.
खिलाड़ियों से टकराता क्यों नहीं?
कई लोगों के मन में सवाल आता है कि इतना बड़ा कैमरा खिलाड़ियों के ऊपर उड़ता है फिर टकराता क्यों नहीं? असल में Spidercam को ऑपरेट करने वाली टीम लगातार मैदान की गतिविधियों पर नजर रखती है. कैमरे की ऊंचाई और स्पीड को मैच के हिसाब से तुरंत बदला जाता है. इसके अलावा इसमें एडवांस सेंसर और सेफ्टी सिस्टम भी लगे होते हैं. हालांकि कुछ मौकों पर गेंद Spidercam के तारों से टकरा चुकी है लेकिन ऐसे मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं.
IPL में Spidercam क्यों है इतना खास?
Spidercam की वजह से दर्शकों को बल्लेबाज़ के पीछे से शॉट, गेंदबाज़ के रनअप का डायनामिक व्यू और स्टेडियम का शानदार एरियल दृश्य देखने को मिलता है. यही कैमरा मैच को ज्यादा रोमांचक और सिनेमैटिक बनाता है. आज के समय में IPL की टीवी क्वालिटी और इंटरनेशनल लेवल प्रोडक्शन के पीछे Spidercam जैसी तकनीकों का बहुत बड़ा योगदान है.
एक Spidercam की कीमत कितनी होती है?
Spidercam सिस्टम काफी महंगा होता है. इसकी कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है क्योंकि इसमें हाईटेक कैमरे, कंप्यूटर कंट्रोल सिस्टम, केबल नेटवर्क और प्रोफेशनल ऑपरेटिंग टीम शामिल होती है. यही कारण है कि इसका इस्तेमाल ज्यादातर बड़े टूर्नामेंट और इंटरनेशनल मैचों में ही किया जाता है.
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