बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष तमीम इकबाल ने कहा कि वे भारत की मेजबानी के लिए एक नई तारीख (विंडो) की तलाश कर रहे हैं। तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज अगर होती है तो विराट कोहली के पास 100 शतक पूरे करने के तीन और मौके होंगे।
लोकप्रिय स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म ‘नॉट आउट नोमान’ ने रविवार को तमीम के हवाले से कहा, “यह (भारत के साथ सीरीज) नहीं होगी, ऐसा अभी तय नहीं हुआ है। फिर भी, मैं आपको एक छोटी सी जानकारी देता हूं। दोनों बोर्ड इस सीरीज़ को कराने के लिए बहुत गंभीर हैं। बीसीसीआई और बीसीबी दोनों ही ऐसी तारीख़ें या समय देख रहे हैं जब इसे कराया जा सके। हम मोटे तौर पर एक तारीख़ पर विचार कर रहे हैं कि क्या उस समय ऐसा करना मुमकिन है या नहीं। अगर मुझे लगता कि इरादा नकारात्मक है, तो आज मैं आपसे यह बात भी नहीं कहता कि ‘देखते हैं क्या होता है, हमें उम्मीद है।’ मैं यह शब्द भी नहीं कहता। इरादे बहुत सकारात्मक हैं।”
उन्होंने कहा, “कुछ चीजें हमारे नियंत्रण से बाहर होती हैं। और बीसीबी अध्यक्ष के तौर पर मैं कभी भी उस सीमा को पार नहीं करना चाहता, ठीक है। लेकिन इरादे अच्छे हैं, हम लगातार बातचीत कर रहे हैं। तारीखें भी तय की जा रही हैं, क्योंकि बांग्लादेश भी व्यस्त है, वे भी व्यस्त हैं। बांग्लादेश की बीच में तीन सीरीज हैं। वे भी, यानी भारत और बीसीसीआई, अपने मैचों में बहुत व्यस्त रहते हैं। लेकिन हम इस बारे में लगातार चर्चा कर रहे हैं।”
विराट कोहली को 100 शतक बनाने के तीन और मौके
अगर बीसीबी और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के बीच बातचीत ठीक रहती है और दोनों देश 3 वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज के लिए तैयार होते हैं तो इसका सीधा मतलब यह होगा कि विराट कोहली और रोहित शर्मा भी इस सीरीज का हिस्सा हो सकते हैं। विराट कोहली के मौजूदा समय में तीनों फॉर्मेट मिलाकर कुल 85 शतक हैं। अगर उन्हें 100 शतक पूरे करने हैं तो और भी मौके चाहिए होंगे। विराट कोहली के 2027 विश्व कप तक भारतीय वनडे टीम का हिस्सा रहने की उम्मीद है। ऐसे में बांग्लादेश के खिलाफ अगर तीन वनडे मैचों की सीरीज हो जाती है तो 100 शतकों की उम्मीद थोड़ी और बढ़ सकती है, क्योंकि क्रिकेट के किंग कहे जाने वाले कोहली को एशियाई परिस्थितियों में तीन मौके मिल सकते हैं, जिनमें वे शतक लगा सकते हैं और 100 शतकों के और नजदीक पहुंच सकते हैं।
भ्रष्टाचार और विश्व कप के दौरान हुई चर्चाओं पर इकबाल ने क्या कहा?
हाल ही में,बीसीबी ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग फिक्सिंग स्कैंडल में शामिल कई लोगों पर आरोप लगाए थे और तमीम ने कहा कि वे आने वाले दिनों में चार-पांच और भ्रष्ट लोगों के नाम उजागर करने की योजना बना रहे हैं। तमीम ने कहा, “हमने पहले ही एक प्रेस रिलीज़ जारी करके उनमें से चार-पांच लोगों का ज़िक्र किया है। चार-पांच और नाम उजागर किए जाएंगे। ईमानदारी का मुद्दा है। वकील अब इसे देख रहे हैं। जब हमें वकील से हरी झंडी मिल जाएगी, तो हम प्रेस रिलीज के जरिए इसे उजागर करेंगे।”
तमीम ने कहा कि उन्हें लगता है कि आईसीसी टी-20 विश्व कप के पिछले संस्करण में भाग लेने के मामले में बांग्लादेश बेहतर बातचीत कर सकता था, साथ ही उन्होंने कहा कि अगर वह इस संबंध में हुई सभी बातें उजागर करें, तो यह सभी को चौंका देगा। कोलकाता नाइट राइडर्स स्क्वाड से मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज़ किए जाने के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश ने टी-20 विश्व कप के पिछले संस्करण में हिस्सा नहीं लिया था।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हम इस मामले में बेहतर बातचीत कर सकते थे। देखिए, मुस्तफिजुर का मुद्दा ज़ाहिर तौर पर ऐसा था जिससे पूरा देश निराश था। और मैं आज भी यही कहता हूँ, मैंने उस दिन भी कहा था, ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था। यह किसी भी तरह से सही काम नहीं था, ऐसा कभी नहीं किया जाना चाहिए था। उस समय मैंने इसका समर्थन किया था, मैं अब भी यही कह रहा हूं। लेकिन हम वर्ल्ड कप खेलने जा रहे हैं। जब हम पहली बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई हुए थे, तो बांग्लादेश में हर किसी ने ज़बरदस्त जश्न मनाया था। हो सकता है कि अब हर दो साल में टी-20 वर्ल्ड कप हो, या हर चार साल में हो, लेकिन यह एक वर्ल्ड कप है जिसमें बांग्लादेश प्रतिनिधित्व करने जा रहा है। है ना। इसलिए, मुझे लगता है कि हम शायद इसे बेहतर ढंग से संभाल सकते थे।”
तमीम ने कहा, “हम शुरू से ही ऐसी स्थिति में पहुंच गए थे जहां से वापसी मुमकिन नहीं थी। मैं यह इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मैं अब आईसीसी में हूूं, बीसीबी की वजह से ही मैं आईसीसी का सदस्य हूँ। उन बातचीत के दौरान बहुत सी बातें हुईं और कई चीज़ें की गईं; अगर मैं उन्हें सबके सामने लाऊँ तो आप हैरान रह जाएँगे। मैं ऐसा (उन घटनाओं का खुलासा) नहीं कर पाऊँगा। मैं ऐसा इसलिए नहीं कर पाऊँगा क्योंकि मुझे उस सम्मान को बनाए रखना है। आप यह सुनकर हैरान होंगे कि क्या-क्या बातें हुईं, लेकिन चलिए उस चर्चा में नहीं पड़ते।”
उन्होंने कहा, “मेरा कहना है कि मामला चाहे जो भी हो, जो कुछ भी हो रहा हो, कौन किस देश जा रहा है, मैच किस देश में खेला जाना चाहिए। मैं उन बारीकियों में नहीं जा रहा हूं। मुझे लगता है कि कुछ मामलों में हमें खेल को खेल की तरह ही देखना चाहिए। दुर्भाग्य से, कभी-कभी हम इस दायरे में नहीं रह पाते। हम अक्सर खेल को दूसरी चीज़ों से भी जोड़ देते हैं। तो जब भी यह बात उठती है, मैं वही बात दोहराता हूं कि हमें निश्चित रूप से वर्ल्ड कप खेलना चाहिए था। हमें निश्चित रूप से बातचीत बेहतर ढंग से करनी चाहिए थी। बस इतना ही, मैं बहुत कुछ नहीं कह सकता, भले ही मुझे वे बातें पता हों।”
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