पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने अपनी सुरक्षा वापस लिए जाने के पंजाब सरकार के फैसले के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अदालत में याचिका दायर कर अपनी सुरक्षा को फिर से बहाल करने की मांग की है। हरभजन सिंह ने सवाल उठाया है कि आखिर किस आधार पर और किन कारणों से उनकी सुरक्षा को अचानक हटा दिया गया।
घर पर हमले और ‘गद्दार’ लिखे जाने का मामला
अपनी याचिका में हरभजन सिंह ने एक गंभीर घटना का भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उनके घर के बाहर भीड़ ने हमला करने की कोशिश की थी और उनकी दीवार पर ‘गद्दार’ लिख दिया गया था। उन्होंने अदालत से मांग की है कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद से उनकी सुरक्षा और इन घटनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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कोर्ट ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए पंजाब और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि सुरक्षा की समीक्षा किस आधार पर की गई और इसे हटाने का फैसला क्यों लिया गया? साथ ही, घर के बाहर ‘गद्दार’ लिखे जाने पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है, इसकी जानकारी भी मांगी गई है। अदालत ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा पुख्ता की जाए।
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हरभजन सिंह का राजनीतिक सफर
गौरतलब है कि हरभजन सिंह साल 2022 में आम आदमी पार्टी के जरिए राज्यसभा पहुंचे थे। हालांकि, 24 अप्रैल को उन्होंने राघव चड्ढा और ‘आप’ के अन्य सदस्यों के साथ पार्टी छोड़ दी और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इस राजनीतिक बदलाव के कुछ समय बाद ही उनकी सुरक्षा को लेकर यह विवाद सामने आया है।
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