इस वायरस के चपटे में आने पर फिर भी कुछ मुख्य लक्षण नजर आते हैं, जिन पर हम सभी ध्यान नहीं देते हैं। आइए आपको इस लेख में बताते हैं H1N1 वायरस कैसे फैलता है और इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं। इससे बचने के लिए क्या सावधानी बरतने की जरुरत है।
स्वाइन फ्लू के बारे में डॉक्टर की सलाह
स्वाइन फ्लू, इन्फ्लूएंजा A (H1N1) वायरस से होने वाला एक संक्रमण है। इन्फ्लूएंजा ए वायरस सबटाइप HIN1 (A/H1N1) इन्फ्लूएंजा ए वायरस (IAV) का एक सबटाइप है। यह वायरस सीधे आपके रेस्पिरेटरी सिस्टम को अपनी चपेट में लेकर आता है और सांस से संबंधित बीमारी का कारण बनता है। दरअसल, इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों को पहचनना काफी मुश्किल होता है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
इन लक्षणों के जरा भी इग्नोर न करें। यदि आपको इनमें से कोई 2-3 लक्षण नजर आ रहे हैं, तो तुरंत को डॉक्टर को दिखाएं।
-बुखार
-खांसी
-गले में खराश
-नाक बंद होना
-सिरदर्द
-मांसपेशियों में दर्द
-कंपकंपी
-थकान
– कुछ लोगों को उल्टी और दस्त की समस्या हो सकती है। इन्फ्लूएंजा के गंभीर मामलों में निमोनिया, सांस लेने में दिक्कत हो सकती हैं।
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए क्या करें?
– साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं।
– अब आप अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।
– अपने आस-पास हवा के अच्छे आवागमन (वेंटिलेशन) का जरुर ध्यान दें।
– यदि आपको फ्लू जैसे लक्षण दिखें, तो घर पर ही रहें और दूसरों के संपर्क में आने से बचें।
– जब आप खांसे या छींके तो टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें और बाहर जब जाएं फेस मास्क जरुर पहनें।
– इसके अतिरिक्त, हर साल इन्फ्लूएंजा का टीका लगवाएं जिससे फ्लू और गंभीर जटिलताओं से बचाव में मदद मिलेगी।
स्वाइन फ्लू का किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है?
स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों, बुजुर्गों और प्रेग्नेंट महिलाओं को इसका ज्यादा खतरा रहता है। जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है या आपको पहले से कोई बीमारी है, तो अपना खास ध्यान रखें।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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