गाड़ी मालिकों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक नया ड्राफ्ट जारी किया है।
गाड़ियों के हिसाब से नए नियम
मंत्रालय के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में गाड़ियों की उम्र के हिसाब से PUCC रिन्यूअल का शेड्यूल तय किया गया है। बता दें कि 6 साल तक की BS-VI गाड़ियों को हर 3 साल में सर्टिफिकेट लेना होगा। वहीं, 6 से 10 साल पुरानी BS-VI गाड़ियों के लिए समय-सीमा तय की गई है। इसके अलावा, 10 साल से अधिक पुरानी BS-VI गाड़ियों को हर 6 महीने में अपना PUCC रिन्यू कराना अनिवार्य होगा। इससे पुरानी गाड़ियों के प्रदूषण पर भी कड़ी नजर रखी जा सकेगी।
पुरानी गाड़ियों के लिए क्या हैं नियम?
नई पॉलिसी में BS-IV और उससे पुरानी मानकों वाली गाड़ियों के लिए नियम काफी सख्त रखे गए हैं। नोटिफिकेशन के अनुसार, 2017 से 2020 के बीच बनी BS-IV गाड़ियों को हर 6 महीने में PUCC रिन्यू कराना होगा। वहीं, BS-I, BS-II और BS-III मानकों का पालन करने वाली गाड़ियों को हर 3 महीने में टेस्ट कराना पड़ेगा। यानी पुरानी गाड़ियों के मालिकों को पहले की तरह ही जल्दी-जल्दी प्रदूषण केंद्र के चक्कर काटने पड़ेंगे।
क्यों बदला नियम?
BS यानी भारत स्टेज (Bharat Stage) देश में गाड़ियों से निकलने वाले धुएं के लिए तय किया गया मानक है। यह नियम कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर जैसे हानिकारक तत्वों की सीमा तय करता है। ये नियम यूरोपियन एमिशन नॉर्म्स पर आधारित हैं। इनका मकसद ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को धीरे-धीरे सड़कों से हटाना है। BS-VI गाड़ियां बहुत ही कम प्रदूषण फैलाती हैं और इनमें खास लो-सल्फर ईंधन का इस्तेमाल होता है।
BS-VI अपनाने का मिला फायदा
भारत ने प्रदूषण पर तेजी से लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया था। देश में BS-V को छोड़कर अप्रैल, 2020 से सीधे BS-VI नियम लागू किए गए थे। चूंकि BS-VI गाड़ियां आधुनिक तकनीक से बनी हैं और पर्यावरण को बहुत कम नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए सरकार इन गाड़ियों के मालिकों को PUCC रिन्यूअल में राहत दे रही है। इस नए नियम के लागू होने के बाद लाखों कार मालिकों को समय और पैसे दोनों की सीधी बचत होगी।
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