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- Glasgow Commonwealth Games | Asmita Harsh Singh Win Judo Gold; Neeraj Silver
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भारत के जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 85.83 मीटर का थ्रो किया। भारत के ही यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया।
ग्लासगो में चल रहे गेम्स के आठवें दिन भारत ने कुल 6 मेडल जीते। इनमें 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल रहे। जूडो में अस्मिता डे ने गेम्स के इतिहास में भारत को पहला गोल्ड दिलाया। इसके 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीता।यामिनी मौर्य ने सिल्वर मेडल हासिल किया।
एथलेटिक्स में तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन इवेंट में ब्रॉन्ज जीतकर इतिहास रचा। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इस इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने।
भारत मेडल टैली में 10वें नंबर पर है। टीम ने 5 गोल्ड, 12 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज सहित 23 मेडल जीते हैं।

जेवलिन में भारत के दो मेडल, नीरज गोल्ड से चूके
नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का बेस्ट थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता। श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर के साथ गोल्ड अपने नाम किया।
मुकाबले का सबसे बड़ा सरप्राइज यशवीर सिंह रहे। उन्होंने आखिरी में 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। पाकिस्तान के ओलिंपिक चैंपियन अरशद नदीम टॉप-8 में भी जगह नहीं बना सके और तीन राउंड के बाद बाहर हो गए।
नीचे नीरज और यश के अचीवमेंट्स के बारे में


तेजस्विन ने डेकाथलॉन में रचा इतिहास
तेजस्विन शंकर 7976 अंकों के साथ डेकाथलॉन में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने। दो दिन तक चले इस इवेंट में उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया। इससे पहले तेजस्विन 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में हाई जंप का ब्रॉन्ज भी जीत चुके हैं।
ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर (8096 अंक) ने गोल्ड और डेमियन वार्नर (8036 अंक) ने सिल्वर जीते।
डेकाथलॉन में 10 अलग-अलग इवेंट्स होते हैं। हर इवेंट्स से मिले अंकों के आधार पर टोटल रैंकिंग बनती है। इस रैंकिंग के टॉप-3 प्लेयर्स को मेडल दिए जाते हैं।
डेकाथलॉन में 100 मीटर दौड़, लॉन्ग जम्प, शॉटपुट, हाई जम्प, 400 मीटर दौड़, 110 मीटर हर्डल, डिस्कस थ्रो, पोल वॉल्ट, जेवलिन थ्रो, 1500 मीटर दौड़ होते हैं।

यहां से जूडो में मेडल जीतने वाले प्लेयर्स के बारे में
1. अस्मिता ने दिलाया भारत को पहला जूडो गोल्ड
त्रिपुरा की 23 साल की अस्मिता डे ने फाइनल में शानदार वापसी करते हुए कनाडा की हेइडी क्वाच को हराया। मुकाबले की शुरुआत में उन्होंने एक अंक गंवाया और पेनल्टी भी मिली, लेकिन आक्रामक खेल जारी रखते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। गोल्डन स्कोर में अस्मिता ने निर्णायक अंक हासिल कर इतिहास रच दिया।

2. हर्ष ने 15 मिनट बाद दूसरा गोल्ड जीता
23 साल के हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को वाजा-अरी (10-0) से हराया। चार मिनट तक चले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों को अंक नहीं मिले, लेकिन अंतिम मिनट में हर्ष ने निर्णायक दांव खेलकर बढ़त बनाई और गोल्ड अपने नाम कर लिया।

3. यामिनी को सिल्वर मिला
महिला 57 किग्रा वर्ग के फाइनल में यामिनी मौर्य को इंग्लैंड की एसेल्या टोपराक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। करीब सात मिनट तक चले मुकाबले में कोई भी खिलाड़ी अंक नहीं बना सकी। गोल्डन स्कोर में दोनों खिलाड़ियों पर दो-दो शिडो थे, लेकिन तीसरी वार्निंग मिलने के कारण यामिनी को हार झेलनी पड़ी और उन्हें सिल्वर मेडल मिला।

जूडो और कराते में अंतर

बॉक्सिंग में भारत के 10 फाइनलिस्ट
बॉक्सिंग में भारत के सभी 10 बॉक्सर फाइनल में पहुंच गए हैं। महिला वर्ग में प्रीति पवार (54 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), जैस्मीन लम्बोरिया (57 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), प्रिया घंघास (60 kg) और लवलीना बोरगोहेन (75 kg) ने फाइनल में जगह बनाई है। वहीं पुरुष वर्ग में अंकुश पंघाल (80 किग्रा), जादुमणि सिंह (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (90+ kg) गोल्ड मेडल मुकाबला खेलेंगे।

बॉक्सिंग में अंकुश पंघाल और प्रीति पवार ने फाइनल में जगह पक्की की।
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