अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले और विदेश जाने का सपना देखने वाले भारतीय नागरिकों के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट आवेदन और नवीनीकरण (Renewal) की प्रक्रिया को बेहद सुरक्षित, आधुनिक और सुगम बना दिया है। तकनीक के समावेश के साथ अब नियमों को इस तरह बदला गया है कि आम लोगों को बिचौलियों के चक्कर न काटने पड़ें और उनका पासपोर्ट कम से कम समय में बनकर घर पहुँच जाए।
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2026 में पासपोर्ट से जुड़े प्रमुख बदलाव और नियम
पासपोर्ट प्रक्रिया को तेज और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने बुनियादी नियमों और तकनीक में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं:
– चिप-आधारित ई-पासपोर्ट (e-Passport) का रोलआउट: अब भारत में चरणबद्ध तरीके से ‘ई-पासपोर्ट’ जारी किए जा रहे हैं। इन नए पासपोर्ट के कवर में एक इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोचिप (RFID Chip) और एक एंटीना लगा होता है। इसमें आवेदक का नाम, जन्म तिथि, डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक डेटा सुरक्षित रूप से स्टोर रहता है। इससे हवाई अड्डों पर इमिग्रेशन की प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी और जाली पासपोर्ट बनाना नामुमकिन होगा।
– बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र की अनिवार्यता: 1 अक्टूबर 2023 को या उसके बाद पैदा हुए बच्चों के पासपोर्ट आवेदन के लिए ‘बर्थ सर्टिफिकेट’ (Birth Certificate) को जन्म तिथि के मुख्य और अनिवार्य दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करना आवश्यक है।
– वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को फीस में छूट: ‘नॉर्मल’ कैटेगरी के तहत नए पासपोर्ट आवेदन पर वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक) और नाबालिगों (8 वर्ष से कम आयु) को सरकारी शुल्क में 10% की विशेष छूट दी जा रही है।
– डिजिलॉकर (DigiLocker) का एकीकरण: अब आवेदकों को दस्तावेजों की ढेर सारी हार्ड कॉपी ले जाने की जरूरत नहीं है। आवेदन करते समय आप अपने जरूरी दस्तावेज सीधे डिजिलॉकर से लिंक कर सकते हैं। हालांकि, पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) पर सत्यापन के लिए एक बार मूल (Original) दस्तावेज साथ रखना सुरक्षित रहता है।
– एम-पासपोर्ट पुलिस ऐप (mPassport Police App): पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए पुलिस कर्मियों को विशेष ऐप दिए गए हैं। अब वे आपके घर आकर सीधे टैबलेट या मोबाइल से डिजिटल रिपोर्ट सबमिट करते हैं, जिससे पहले लगने वाला 2-3 सप्ताह का समय घटकर अब महज कुछ दिन रह गया है।
पासपोर्ट आवेदन की आसान प्रक्रिया: चरण-दर-चरण
नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने को री-इश्यू (Re-issue) कराने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है:
– पंजीकरण: पासपोर्ट सेवा की आधिकारिक वेबसाइट (www.passportindia.gov.in) या ‘mPassport Seva’ ऐप पर जाकर नया यूजर अकाउंट बनाएं।
– फॉर्म भरना: लॉगिन करने के बाद ‘Apply for Fresh Passport/Re-issue’ विकल्प पर क्लिक करें और फॉर्म में अपनी सटीक जानकारी भरें।
– फीस और अपॉइंटमेंट: ‘Pay and Schedule Appointment’ पर क्लिक करके अपने नजदीकी पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) का चयन करें। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन (UPI, नेट बैंकिंग या कार्ड) के माध्यम से करें।
– केंद्र का दौरा: निर्धारित समय पर अपने मूल दस्तावेजों के साथ केंद्र पर जाएँ। वहाँ आपके बायोमेट्रिक्स (उंगलियों के निशान और फोटो) लिए जाएंगे।
– पुलिस वेरिफिकेशन और डिलीवरी: पुलिस सत्यापन सफल होने के बाद आपका पासपोर्ट स्पीड पोस्ट के जरिए सीधे आपके घर के पते पर भेज दिया जाएगा।
आवेदन के लिए आवश्यक मुख्य दस्तावेज
एक सामान्य वयस्क आवेदक के लिए निम्नलिखित दस्तावेज पर्याप्त होते हैं:
– पते का प्रमाण (कोई एक): आधार कार्ड, बिजली बिल, पानी का बिल, गैस कनेक्शन का प्रमाण या बैंक पासबुक।
– जन्म तिथि का प्रमाण (कोई एक): आधार कार्ड, पैन कार्ड, मैट्रिक (10वीं) की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र।
सुरक्षा और सतर्कता संबंधी सुझाव
– आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें: इंटरनेट पर ‘passportindia’ नाम से मिलती-जुलती कई फर्जी वेबसाइटें सक्रिय हैं जो भारी फीस वसूलती हैं। हमेशा केवल आधिकारिक .gov.in डोमेन वाली वेबसाइट का ही उपयोग करें।
– डाटा की शुद्धता: आवेदन फॉर्म में आपके नाम की स्पेलिंग, माता-पिता का नाम और जन्म तिथि ठीक वैसी ही होनी चाहिए जैसी आपके आधार या पैन कार्ड पर अंकित है। विसंगति होने पर आवेदन होल्ड पर डाला जा सकता है।
ई-पासपोर्ट की शुरुआत और डिजिटल वेरिफिकेशन के कारण अब भारतीय पासपोर्ट वैश्विक मानकों के अनुरूप बेहद शक्तिशाली और सुरक्षित हो गया है। नियमों की सही जानकारी और सही दस्तावेजों के साथ आवेदन करने पर आपका पासपोर्ट बिना किसी बाधा के समय पर बनकर तैयार हो जाएगा।
– जे. पी. शुक्ला
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