आज ही के दिन यानी की 16 मार्च को भारतीय सेना के जांबाज अधिकारी और देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत का जन्म हुआ था। साल 2019 में भारत सरकार द्वारा पहली बार सीडीएस के पद की घोषणा की गई। उस दौरान सेना प्रमुख बिपिन रावत ही सबसे उपयुक्त माने गए। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर बिपिन रावत के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…
जन्म और परिवार
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में 16 मार्च 1958 को बिपिन रावत का जन्म हुआ था। इनका पूरा नाम बिपिन लक्ष्मण सिंह रावत था। बिपिन रावत का पूरा परिवार कई दशकों से देश में सैन्य सेवाएं दे रहा था। उनके पिता का नाम किशन सिंह परमार थे, जोकि लेफ्टिनेंट जनरल के पद से रिटायर हुए थे।
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सेना में करियर
वहीं 16 दिसंबर 1978 को बिपिन रावत ने 11 गोरखा राइफल्स की 5वीं बटालियन से अपने सैन्य करियर की शुरूआत की थी। फिर जनवरी 1979 में उनकी पहली पोस्टिंग मिजोरम में हुई थी। नेफा इलाके में जब बिपिन रावत की तैनाती हुई, तो उन्होंने बटालियन की अगुवाई भी की थी। उन्होंने कांगो में यूएन की पीसकीपिंग फोर्स की भी अगुवाई की थी। साल 1987 में अरुणाचल प्रदेश स्थित सुमदोरोंग चू घाटी में हुई भारत-चीन झड़प के दौरान चीनी चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को हराने के लिए बिपिन रावत की बटालियन को तैनात किया गया था। साल 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध के बाद यह विवादित मैकमोहन बॉर्डर लाइन पर पहला सैन्य टकराव था।
इन चीजों में थे एक्सपर्ट
बिपिन रावत ने सेना में 43 साल दिए थे। इस दौरान उनका नाम इसलिए भी चर्चित था, क्योंकि वह कई चीजों के एक्सपर्ट थे। वह ऊंचाई वाले इलाकों पर युद्ध लड़ने में माहिर थे। इसके अलावा वह काउंटर ऑपरेशन और कश्मीर मामले में भी एक्सपर्ट थे। चीन की सीमाओं और एलओसी पर कैसे सैन्य कार्रवाई की जाए, इसकी भी उनमें अच्छी समझ थी। इसी वजह से वह इन इलाकों में सबसे ज्यादा तैनात रहे।
बिपिन रावत की सफलताएं
बिपिन रावत ने कई बड़े अभियानों पर बड़ी सफलता हासिल की थी। साल 2020 से 2021 तक बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ रहे थे। उन्होंने पूर्वोत्तर में उग्रवाद को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। साल 2015 में म्यांमार में क्रॉस बॉर्डर अभियान चलाकर कई आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। इस दौरान सेना ने नागा आतंकी संगठन NSCN (K) आतंकवादी ठिकानों को भी नष्ट किया था। बिपिन रावत पाकिस्तान में की जाने वाली सर्जिकल स्ट्राइक के भी योजनाकार बताए जाते हैं।
मौत
वहीं 08 दिसंबर 2021 को एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में बिपिन रावत की मौत हो गई थी। इस दौरान उनकी पत्नी मधुलिका और निजी स्टाफ समेत कुल 10 यात्रियों और 4 सदस्यों वाले चालक दल हादसे का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में सभी 14 लोगों की मौत हो गई थी।
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