वेट लॉस करना चाहते हैं तो केवल राइट डाइट और वर्कआउट काफी नहीं। डेली रूटीन की कुछ आदतों को छोड़ना भी जरूरी है। जैसे फिटनेस कोच ने अपनी जर्नी शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने ये 8 आदतें छोड़कर बॉडी को ट्रांसफार्म किया।
ब्रेकफास्ट छोड़ना
सुबह का ब्रेकफास्ट छोड़ना मतलब मेटाबॉलिज्म को स्लो करना। शिखा ने बताया कि अपनी 8 आदतों में पहली आदत ब्रेकफास्ट स्किप करने को छोड़ा। सुबह भूखे रहने के बाद वो रात को ज्यादा खा लेती थीं और नतीजा मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता था। तो भूखे रहने की आदत को छोड़कर सुबह उठने के अगले एक घंटे में वो खा लेती थीं।
कैलोरी ड्रिंक
जूस, दो चम्मच चीनी वाली चाय, कोल्ड कॉफी जैसी लिक्विड कैलोरी इनटेक को बंद किया। अक्सर हम कुछ ड्रिंक्स को हार्मलेस समझकर पीते हैं लेकिन ये गलत आदत हैं। उन्होंने बताया कि वो ब्लैक कॉफी, प्लेन चाय और पानी पीने लगी और बाकी ड्रिंक्स को ना पीने की आदत लगाई।
हेल्दी खाना लेकिन गलत पोर्शन में
शिखा बताती हैं कि वो मखाना, ड्राई फ्रूट्स, पीनट बटर जैसी हेल्दी चीजें ही खाती थीं लेकिन उनकी डबल मात्रा में, जबकि कैलोरी तो इन फूड्स से भी जाती है। तो हेल्दी फूड्स को भी सही मात्रा में थोड़ा-थोड़ा खाने की आदल लगाना।
केवल कॉर्डियो और वेट ट्रेनिंग नहीं
केवल कॉर्डियो करने से सबकुछ नहीं होगा। ट्रेडमिल पर घंटों पसीना बहाने से बॉडी चेंज नहीं होती। बॉडी को चेंज करने के लिए कॉर्डियो करना जरूरी होता है।
नींद कम लेने की वजह से स्ट्रेस
जब हम देर रात तक जागते हैं तो इससे कॉर्टिसोल लेवल हाई होता है, क्रेविंग्स बढ़ती है। 7-8 घंटे की नींद सबसे ज्यादा जरूरी है। गुड क्वालिटी नींद के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करती थी।
बाहर का खाना खाने की मैटेंलिटी
रेस्टोरेंट का खाना खाया है लेकिन थोड़ा सा खाया है। ये वाली सोच को छोड़कर घऱ पर हेल्दी कुकिंग करना स्टार्ट किया और घर के खाने को ही सबसे पहले खाया।
सबकुछ खाना या कुछ नहीं
सबकुछ अनहेल्दी खा सकते हैं या फिर कुछ भी नहीं खाना है ये वाली सोच गलत है। अगर आपने पिज्जा की एक स्लाइस खा ली तो पूरा दिन ये सोचने में बर्बाद नहीं करना है कि मैंने पिज्जा खा लिया। एक पीस खा लेने से आपकी वेट लॉस जर्नी नहीं रुकती है। वेट लॉस के लिए कंसिस्टेंसी की जरूरत होती है, तभी शरीर में प्रोग्रेस नजर आती है।
मोटिवेशन फील करने का इंतजार करना
हर दिन ये सोचते हैं कि आज मोटिवेशन फील हो रहा और अब वर्कआउट शुरू करेंगे। ऐसा नहीं होता, मोटिवेशन से ज्यादा डिसिप्लिन की जरूरत होती है। राइट मंडे का इंतजार करना बंद करें और किसी भी दिन बस स्टार्ट कर दें। जैसे ही आप बिना सोचे-समझे वर्कआउट स्टार्ट करते हैं और ये आदतें छोड़कर डेडिकेशन के साथ कंसिस्टेंसी दिखाते हैं, बॉडी में असर नजर आने लगता है।
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