सूरत: सूरत के अमरोली छपराभाठा क्षेत्र में मछली पकड़ने गए मछुआरों के जाल में मगरमच्छ का बच्चा फंस गया, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। इसके बाद मगरमच्छ के बच्चे को रेस्क्यू कर वन विभाग को सौंपा गया।
क्या है पूरा मामला?
सूरत की तापी नदी किनारे मछली पकड़ने के लिए डाले गए जाल में करीब 3 फुट लंबा मगरमच्छ का एक बच्चा फंस गया। सूचना मिलते ही ग्रीन गार्डियन ग्रुप की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षित रेस्क्यू कर वन विभाग को सौंप दिया।
सूरत के अमरोली छपराभाठा क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब मछुआरों ने नदी से जाल खींचा तो उसमें मछलियों की जगह मगरमच्छ का बच्चा फंसा मिला। जाल में फंसा शावक छटपटा रहा था, जिसे देखकर आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।
घटना की सूचना स्थानीय मगरमच्छ रेस्क्यू टीम को दी गई। सूचना मिलते ही संस्था के स्वयंसेवक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे और सावधानी पूर्वक मगरमच्छ के बच्चे को बिना किसी चोट के जाल से बाहर निकाला। प्राथमिक जांच के बाद उन्हें सुरक्षित वन विभाग को सौंप दिया गया।
आम तौर पर सूरत की तापी नदी में कभी भी मगरमच्छ देखने को नहीं मिलते हैं। तापी के ऊपरी इलाकों में हो रही भारी बारिश के चलते मगरमच्छ सूरत के तापी नदी तक पहुंचे होने की संभावना जताई जा रही है। पिछले कुछ समय से तापी नदी के कुछ क्षेत्र में छोटे बड़े मगरमच्छ अक्सर दिखाई दे रहे हैं। मानसून के दौरान जलस्तर में बदलाव के कारण उनके यहां तक आने की संभावना जताई जा रही है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोग ओर मछुआरों की चिंता जरूर बढ़ गई है।
मगरमच्छ का बच्चा कितना खतरनाक होता है?
मगरमच्छ का बच्चा, वयस्क मगरमच्छ की तुलना में कम खतरनाक होता है, लेकिन ये नहीं कहा जा सकता कि वह पूरी तरह खतरनाक नहीं है। वह भी अच्छा खासा नुकसान पहुंचा सकता है। नया जन्मा बच्चा आमतौर पर 18-25 cm (7-10 इंच) लंबा और लगभग 70 ग्राम वजन का होता है। इसके दांत नुकीले होते हैं और जबड़े मजबूत होते हैं। ये छोटा शिकार कर सकते हैं, जिसमें कीड़े, घोंघे, छोटी मछली समेत तमाम चीजें हैं।
अगर ये किसी इंसान को काट लें तो इंसान की त्वचा फट सकती है, लेकिन यह वयस्क मगरमच्छ की तरह गंभीर चोट या मौत का कारण नहीं बनता। आमतौर पर मगरमच्छ के बच्चे इंसानों से डरते हैं और उन्हें देखकर भाग जाते हैं। लेकिन अधिकांश मामलों में मगर के बच्चों की रक्षा उनकी मां करती है। ऐसे में मादा मगरमच्छ अपने बच्चों के लिए इंसान को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे पहले भी एक बार गुजरात के सभी जिलों में जब भारी बारिश का अलर्ट हुआ था तो बाढ़ के पानी में बहकर एक मगरमच्छ सड़क पर आ गया था। (रिपोर्ट: शैलेष चांपानेरिया)
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