विश्व कप के एक वीडियो समीक्षा रेफरी ने कहा कि श्वेत वर्चस्ववादी चिन्ह से मिलता-जुलता उनका हाथ का इशारा बिना किसी पूर्व योजना के नहीं बल्कि अचानक हुआ और विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा की समिति ने भी कहा कि इस ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी ने खेल के अनुशासनात्मक नियमों का उल्लंघन नहीं किया है।
इस तरह का इशारा करने के कारण रेफरी शॉन इवांस को टूर्नामेंट से हटाने की मांग की जा रही है।
जर्मनी की रविवार को क्यूरासाओ के खिलाफ 7-1 से जीत के दौरान इवांस ने डलास स्थित विश्व कप प्रसारण केंद्र में वीडियो सहायक रेफरी के रूप में काम किया था।
जब खेल शुरू होने से पहलेकैमरा आधिकारिक प्रसारण वीडियो समीक्षा अधिकारियों को दिखाने के लिए रुका तो इवांस ने अपने दाहिने हाथ से अपने दाहिने पैर के सामने ‘ओके’ का संकेत बनाया।
फीफा के एक बयान में इवांस ने कहा, ‘‘मैंने जानबूझकर किसी संदेश, संबद्धता, खेल या किसी भी प्रकार के विश्वास को व्यक्त करने के लिए हाथ का इशारा या चिह्न नहीं बनाया था।
मैं केवल यही स्पष्टीकरण दे सकता हूं कि वह हरकत अनैच्छिक, अवचेतन में हुई थी और मुझे उस समय इसका अहसास नहीं था। मैच के दौरान ली गई तस्वीरों से पता चला कि मैंने अपनी उंगलियों के बीच पेन पकड़े हुए इस हरकत को कई बार दोहराया था।’
अंगूठे और तर्जनी को एक वृत्त में मिलाकर और अन्य उंगलियों को फैलाकर किए जाने वाले इस इशारे को 2019 में न्यूयॉर्क स्थित एक संस्था ने भेदभाव का प्रतीक घोषित किया था। फीफा ने हालांकि इस अधिकारी को क्लीन चिट दे दी है।
फीफा की स्वतंत्र अनुशासनात्मक समिति ने बयान में कहा, ‘‘वीडियो सहायक रेफरी शॉन इवांस से जुड़े मामले की जांच करने के बाद उसे फीफा अनुशासनात्मक संहिता के उल्लंघन का कोई सबूत नहीं मिला है।
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