शिलांगः मेघालय में UDP के आठ विधायक BJP में शामिल होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि कोयला खनन और खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने जैसी उनकी मांगों पर अगले विधानसभा चुनाव से पहले कार्रवाई की जाएगी। UDP अभी NPP के नेतृत्व वाले ‘मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस’ (MDA) का दूसरा सबसे बड़ा सहयोगी दल है, जिसके 12 विधायक हैं। इनमें से दो विधायक कॉनराड के. संगमा की सरकार में मंत्री हैं। अगर इसके आठ विधायक पाला बदलते हैं, तो इससे सत्ताधारी गठबंधन का स्वरूप काफी बदल जाएगा और 60 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी की ताकत दो से बढ़कर 10 हो जाएगी।
मेघालय में 2028 में होंगे विधानसभा चुनाव
इससे मंत्रियों के प्रतिनिधित्व और नीतिगत प्राथमिकताओं पर बीजेपी का प्रभाव बढ़ेगा, क्योंकि राज्य में 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं। संगमा के नेतृत्व वाली NPP के पास 33 विधायक हैं, जबकि उसकी सहयोगी पार्टी HSDP के दो सदस्य हैं और दो निर्दलीय विधायक सरकार का समर्थन कर रहे हैं, जिससे सत्ताधारी MDA की कुल संख्या 51 हो जाती है।
विपक्ष में है ये पार्टियां
विपक्ष में तृणमूल कांग्रेस के पांच विधायक हैं, जबकि ‘वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी’ (VPP) के चार विधायक हैं। बिंदीहाटी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए UDP विधायक कायरमेन शिल्ला ने दावा किया कि यह फैसला अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ हुई बैठकों के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा, “हमने BJP नेतृत्व को बता दिया है कि UDP के आठ विधायकों ने पार्टी में शामिल होने का फैसला पक्का कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह संख्या बढ़कर नौ हो सकती है।
बीजेपी ने शामिल होने की पुष्टि की
राज्य के वरिष्ठ BJP नेता ए.एल. हेक ने बताया कि UDP विधायकों का शामिल होना तय है। पिंथोरुमखराह के विधायक ने कहा, “मैंने केंद्रीय गृह मंत्री से अकेले में मुलाकात की और उन्होंने साफ कहा कि यह तय है।” उन्होंने कहा कि UDP विधायकों की मांगों को BJP का पूरा समर्थन है। ख्लिहरियात का प्रतिनिधित्व करने वाले शिल्ला ने कहा कि शाह ने UDP विधायकों से चार-पांच दिनों के भीतर शामिल होने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। हालांकि, पार्टी बदलने से पहले उन्होंने अपनी मांगों पर पक्का भरोसा मांगा।
उन्होंने कहा कि बीजेपी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि उनके शामिल होने के तुरंत बाद एक समिति बनाई जाएगी और उनकी मांगों को एक-एक करके पूरा करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। शिल्ला ने कहा कि अगर आप यानी BJP हमें दिए गए वादों से मुकरते हैं, तो हम अगले ही दिन पार्टी छोड़ सकते हैं।” उन्होंने कहा कि इन वादों में कोयला खनन से जुड़े मुद्दे, संविधान की आठवीं अनुसूची में खासी भाषा को शामिल करना, मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट को लागू करना और थेम इव मावलोंग से हरिजन कॉलोनी को दूसरी जगह बसाना शामिल है। उन्होंने कहा कि यह फैसला UDP या उसके अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह के प्रति किसी नाराजगी की वजह से नहीं लिया गया है। शिल्ला ने मुख्यमंत्री संगमा के साथ मतभेद होने की बात से भी इनकार किया।
(पीटीआई इनपुट)
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