Science Behind Refraction of Light: क्या आपने कभी सोचा है कि पानी के गिलास में रखी पेंसिल टेढ़ी क्यों दिखाई देती है? यह कोई जादू नहीं, बल्कि विज्ञान का एक कमाल है, जिसे रिफ्रैक्शन कहते हैं. आज की फिजिक्स क्लास में इसे बहुत आसान भाषा में समझिए.
Science Behind Refraction of Light: रोचक उदाहरणों से फिजिक्स की दुनिया समझना आसान हो जाता है
Science Knowledge: रिफ्रैक्शन क्या है?
जब रोशनी की किरण किसी माध्यम (जैसे हवा) से निकलकर दूसरे माध्यम (जैसे पानी या कांच) में जाती है तो वह अपने सीधे रास्ते से थोड़ा मुड़ जाती है. रोशनी के इस मुड़ने को ही ‘रिफ्रैक्शन’ कहते हैं.
पानी में पेंसिल टेढ़ी क्यों दिखती है?
हवा की तुलना में पानी ज्यादा घना (Dense) होता है. जब पेंसिल से टकराकर रोशनी हमारी आंखों तक पहुंचती है तो उसे पानी और हवा, दोनों से होकर गुजरना पड़ता है.
- चाल में बदलाव: जैसे ही रोशनी पानी से निकलकर हवा में आती है, उसकी स्पीड बढ़ जाती है.
- रास्ता बदलना: स्पीड बदलते ही रोशनी की किरणें थोड़ा मुड़ जाती हैं.
- आंखों का भ्रम: हमारी आंखें और दिमाग हमेशा मानते हैं कि रोशनी एक सीधी रेखा में आ रही है. इसलिए हमें पेंसिल का वह हिस्सा (जो पानी के अंदर है), असल जगह से थोड़ा हटकर दिखाई देता है.
रिफ्रैक्शन के मजेदार उदाहरण
पानी में पेंसिल की तरह रिफ्रैक्शन को कई अन्य उदाहरणों से भी समझा जा सकता है. आप चाहें तो ये एक्सपेरिमेंट घर में भी कर सकते हैं.
- उठा हुआ सिक्का: अगर पानी से भरे मग में एक सिक्का डालें तो वह अपनी गहराई से थोड़ा ऊपर उठा हुआ दिखेगा.
- स्विमिंग पूल की गहराई: पानी साफ होने पर पूल का तल कम गहरा महसूस होता है, जो कि रिफ्रैक्शन की वजह से ही होता है.
- तारों का टिमटिमाना: जब तारों की रोशनी अंतरिक्ष से निकलकर वायुमंडल की अलग-अलग परतों में एंटर करती है तो वह बार-बार मुड़ती है, जिससे तारे टिमटिमाते हुए दिखते हैं.
अगली बार जब पानी में पेंसिल डालें तो याद रखिएगा कि वह टूटी नहीं है, बल्कि रोशनी एक दिलचस्प कहानी सुना रही है. विज्ञान को रटने के बजाय उसके पीछे के ‘क्यों’ को समझें तो पूरी दुनिया लैब लगेगी.
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