“फिल्म जनता तक पहुंच चुकी है, अब नहीं रुकेगी”
फिल्म का कोई प्रमोशन इसलिए नहीं किया गया क्योंकि अगर दो दिन पहले भी किसी को भनक लग जाती, तो यह रिलीज ही नहीं हो पाती। फिल्म को बैन करने वालों पर तंज कसते हुए दिलजीत ने कहा, “जब आप व्हाट्सएप पर किसी को कुछ भेजते हैं, तो वह इंटरनेट से पूरी तरह डिलीट नहीं होता। इन्हें लगता है कि फिल्म गायब हो जाएगी। पता नहीं ये लोग भोले हैं या बेवकूफ।”
दिलजीत ने फैंस से अपील की है कि जिन लोगों ने फिल्म डाउनलोड कर ली है, वे इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करें। अब यह फिल्म जनता की है और इसे रोका नहीं जा सकता।
एक तरफ जहां दिलजीत लोगों से फिल्म की डाउनलोडेड कॉपी शेयर करने को कह रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ZEE5 ने लोगों से पाइरेसी रोकने की अपील की है। सोमवार (6 जुलाई) को ZEE5 ने एक बयान जारी कर कहा की, “हम पूरी उम्मीद के साथ वो सब कर रहे हैं जो हम कर सकते हैं। कृपया पाइरेसी का समर्थन न करें। हम ‘सतलुज’ को आपके पास वापस लाने के लिए हर संभव रास्ते तलाशने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने एक पोस्टर भी शेयर किया जिसमें लिखा था, “हम ‘सतलुज’ को वापस लाने के लिए अपना काम कर रहे हैं। कृपया आप भी अपना फर्ज निभाएं और पाइरेसी का साथ न दें।”
यह कहानी 1995 की है। फिल्म में मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित है। इस फिल्म का नाम पहले ‘पंजाब 95’ रखा गया था। हनी त्रेहान द्वारा निर्देशित इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओल्यान जैसे शानदार कलाकार भी नजर आए हैं।
फिलहाल यह फिल्म भारत में किसी भी आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया और इंटरनेट पर इसकी डाउनलोडेड कॉपियां तेजी से वायरल हो रही हैं।
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