भारत और श्रीलंका के बीच में 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गॉल के स्टेडियम में खेला जा रहा है, जिसमें पहले दिन का खेल खत्म होने पर टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरे टीम इंडिया की स्थिति काफी मजबूत थी। भारतीय टीम ने पहले दिन के खेल में बारिश के खलल की वजह से हुई 73 ओवर्स की गेंदबाजी में 2 विकेट के नुकसान पर 288 रन बना लिए थे, जिसमें देवदत्त पडिक्कल की नाबाद शतकीय पारी ने अहम भूमिका अदा की। साई सुदर्शन के अनफिट होकर इस सीरीज से बाहर होने के बाद नंबर-3 की पोजीशन पर बल्लेबाजी करने उतरे पडिक्कल ने इस मौके का पूरी तरह से फायदा उठाने के साथ अपने टेस्ट करियर की पहली सेंचुरी जड़ दी, जिसमें पहले दिन का खेल खत्म होने पर पडिक्कल 131 रन बनाकर नाबाद थे। वहीं पडिक्कल इस शतकीय पारी के दम पर सौरव गांगुली की एक खास में बराबरी में करने में भी कामयाब हुए हैं।
21वीं सदी में नंबर-3 पर शतक लगाने वाले दूसरे बाएं हाथ के बल्लेबाज बने पडिक्कल
देवदत्त पडिक्कल ने गॉल टेस्ट मैच से पहले 2 मुकाबले खेले थे, जिसमें वह सिर्फ एक अर्धशतकीय पारी में खेलने में कामयाब हो सके थे। इस बार नंबर-3 की पोजीशन पर मौका मिलने पर पडिक्कल ने इसका पूरा फायदा उठाया और शानदार शतक जड़ दिया। देवदत्त पडिक्कल अब सौरव गांगुली के बाद 21वीं सदी में सिर्फ दूसरे ऐसे बाएं हाथ के भारतीय बल्लेबाज हैं जो नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट में शतकीय पारी खेलने में कामयाब हो सके हैं। गांगुली ने साल 2002 में जिम्बाब्वे के खिलाफ दिल्ली में खेले गए टेस्ट मुकाबले में नंबर-3 पर खेलते हुए 136 रनों की पारी खेली थी। वहीं पडिक्कल 19 टेस्ट मैचों के बाद नंबर-3 पर शतकीय पारी खेलने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं जिसमें उनसे पहले साल 2024 सितंबर महीने में बांग्लादेश के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में शुभमन गिल ने शतकीय पारी खेली थी।
राहुल के साथ मिलकर की 150 रनों की बेहतरीन पारी
गॉल टेस्ट में भारतीय टीम ने अपना पहला विकेट यशस्वी जायसवाल के रूप में 47 के स्कोर पर गंवा दिया था, जो 32 के निजी स्कोर पर रन आउट होकर पवेलियन लौट गए थे। इसके बाद नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे पडिक्कल ने शुरू से ही आक्रामक रवैया अपनाए रखा जिसके चलते श्रीलंकाई स्पिनर्स उनपर हावी नहीं हो सके। पडिक्कल ने केएल राहुल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 150 रनों की शानदार साझेदारी की। राहुल पहले दिन के खेल में दूसरा सेशन खत्म होने के बाद 77 के निजी स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट हो गए थे। वहीं दिन का खेल खत्म होने पर पडिक्कल जहां 131 रन बनाकर नाबाद थे तो वहीं ऋषभ पंत 27 रन बनाकर खेल रहे थे।
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