उत्तराखंड के दिव्यांग खिलाड़ियों (पैरा एथलीट्स) के लिए अच्छी खबर है। पैरालंपिक एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के तत्वावधान में 27 से 29 मार्च तक देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में तीसरे ‘उत्तराखंड राज्य पैरालंपिक गेम्स’ का आयोजन होने जा रहा है। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 13 जिलों से लगभग 150 पैरा खिलाड़ी अपना दमखम दिखाएंगे। आयोजन की खास बात यह है कि इस बार पेट्रोलियम स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड (PSPB) इन खेलों को प्रायोजित कर रहा है, जिससे सीमित संसाधनों वाले पहाड़ के पैरा खिलाड़ियों को एक बड़ा मंच मिलेगा। प्रतियोगिता की 4 खास बातें पहाड़ के दिव्यांग बच्चों को मिल रही नई जिंदगी आयोजन सचिव प्रेम कुमार ने बताया कि पैरालंपिक एसोसिएशन पिछले 20 सालों से राज्य में पैरा स्पोर्ट्स के विकास के लिए काम कर रहा है। अब तक राज्य के 300 से ज्यादा दिव्यांगजनों को पैरालंपिक खेलों से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया, “दिव्यांग लोगों को अमूमन घरों से बाहर ही नहीं निकाला जाता। इन खेलों के माध्यम से पहाड़ के बच्चे घर की चारदीवारी से बाहर निकले हैं। आज ये बच्चे बेंगलुरु, चेन्नई, गांधीनगर और दिल्ली जैसे शहरों में जा रहे हैं और जीवन की चुनौतियों का डटकर सामना करना सीख रहे हैं।” केंद्र के उपक्रमों का मिल रहा साथ, राज्य सरकार से भी सहयोग की अपील एसोसिएशन ने बताया कि पिछले आयोजनों में ONGC का सहयोग मिला था, वहीं इस बार PSPB आगे आया है। आयोजकों का कहना है कि वे केंद्र सरकार के बड़े उपक्रमों का पैसा राज्य के हित और गरीब बच्चों के खेलों के लिए ला रहे हैं। वहीं, इस आयोजन के लिए उत्तराखंड सरकार को भी पत्र लिखकर सहयोग मांगा गया है और सरकार की तरफ से सकारात्मक मदद की उम्मीद जताई जा रही है।
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