मौजूद जानकारी के अनुसार विश्व कप से पहले आइसलैंड के खिलाफ खेले गए अभ्यास मुकाबले के दौरान जारी की गई आधिकारिक टीम सूची में अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के पासपोर्ट नंबर भी शामिल थे। सामान्य तौर पर ऐसी संवेदनशील जानकारी को सार्वजनिक करने से पहले छिपा दिया जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया। जिसकी वजह से लियोनेल मेसी सहित पूरी टीम के पासपोर्ट विवरण मीडिया और अन्य लोगों तक पहुंच गए।
गौरतलब है कि यह घटना अमेरिका के अलबामा स्थित जॉर्डन-हेयर स्टेडियम में सामने आई, जहां यह अभ्यास मुकाबला आयोजित किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार आइसलैंड की टीम के खिलाड़ियों की पासपोर्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई, क्योंकि उनकी ओर से टीम सूची में पासपोर्ट नंबर उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
इस मामले ने विश्व कप आयोजन और खिलाड़ियों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में खिलाड़ियों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। हालांकि इस मामले पर अर्जेंटीना फुटबॉल महासंघ और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बता दें कि यह विश्व कप शुरू होने से पहले सामने आया पहला विवाद नहीं है। हाल के दिनों में कई घटनाओं ने प्रतियोगिता के आयोजन पर सवाल खड़े किए हैं। इनमें सबसे चर्चित मामला सेनेगल की टीम से जुड़ा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दावा किया गया कि अमेरिका पहुंचने के बाद सेनेगल के खिलाड़ियों की असाधारण सुरक्षा जांच की गई। वीडियो में खिलाड़ियों को धातु जांच उपकरणों से जांचते हुए देखा गया।
मौजूद जानकारी के अनुसार कई लोगों ने आरोप लगाया कि अन्य टीमों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया गया। कुछ सोशल मीडिया यूर्जस ने यह भी दावा किया कि उज्बेकिस्तान की टीम को भी इसी तरह की अतिरिक्त जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था। हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
गौरतलब है कि इससे पहले सोमालिया के रेफरी उमर आर्टन का मामला भी चर्चा में रहा था। उमर आर्टन विश्व कप में मैच अधिकारी बनने वाले सोमालिया के पहले रेफरी बनने जा रहे थे, लेकिन अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने के बाद उन्हें प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया। इस घटना की भी दुनिया भर में काफी चर्चा हुई थी।
इन विवादों के बीच अर्जेंटीना की टीम ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया है। विश्व कप से पहले खेले गए अभ्यास मुकाबले में अर्जेंटीना ने आइसलैंड को 3-0 से हराया। इस मैच में लियोनेल मेसी ने चोट से वापसी करते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन किया। वह दूसरे हाफ में मैदान पर उतरे और कुछ ही मिनटों के भीतर गोल करने में सफल रहे।
बता दें कि मेसी ने पेनाल्टी के जरिए गोल दागकर एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। 38 वर्ष और 11 महीने की उम्र में वह अर्जेंटीना के सबसे उम्रदराज गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड एंजेल लाब्रूना के नाम था, जो वर्ष 1957 से कायम था।
मौजूद जानकारी के अनुसार अब अर्जेंटीना अपनी खिताब रक्षा अभियान की शुरुआत समूह जे के मुकाबले से करेगा। टीम का पहला मैच अल्जीरिया के खिलाफ खेला जाएगा। फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें एक बार फिर लियोनेल मेसी और उनकी टीम पर टिकी हुई हैं, जो लगातार दूसरे विश्व कप खिताब की तलाश में मैदान पर उतरने वाली हैं।
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