भारत में होली का पर्व संगीत, रंगों और उत्साह का पर्व है। लेकिन पुष्कर की होली आपको एक अलग ही अनुभव देती है। राजस्थान के खास स्थान पुष्कर में संगीत, लोक संस्कृति, रंगीन परंपरा और आधुनिक पार्टी कल्चर का अनोखा संगम देखने को मिलता है। पुष्कर की होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह जीवन के प्रेम, सामाजिक मेलजोल और भाईचारे का पर्व है। यहां पर सभी उम्र और संस्कृति के लोग एक साथ होली के रंगों में रंग जाते हैं। तो आइए जानते हैं राजस्थान के पुष्कर की होली क्यों खास होती है और आप यहां कैसे पहुंच सकते हैं।
पुष्कर की होली
फाल्गुन पूर्णिमा के अनुसार पुष्कर में होली तय होती है। साल 2026 में पुष्कर में होली का पर्व मुख्य रूप से 04 मार्च 2026 को धुलंडी के रूप में मनाई जाती है। वहीं 02 या 03 मार्च 2026 को होलिका दहन होगा। वैसे तो पारंपरिक रूप से खेलने वाली होली के एक दिन पहले होता है। पुष्कर में होली का पर्व 2 से 3 दिनों तक चलता है। पारंपरिक परंपरा, रात की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और दिन भर रंगों से भरी होली खेली जाती है।
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क्यों खास है पुष्कर की होली
रंगों, संगीत और उत्सव का संगम
पुष्कर की होली सिर्फ गुलाल तक ही नहीं सीमित है। बल्कि यहां पर लोग सुबह-सुबह DJ म्यूजिक, पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और ड्रॉम सर्किल के साथ रंगों की बौछार की जाती है।
अंतरराष्ट्रीय माहौल
पुष्कर में सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि देश-विदेश से हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। यह पर्व एक ग्लोबल कल्चर फेस्टिवल जैसा बन जाता है।
जानिए सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व
होली के पर्व की शुरूआत सुबह ब्रह्माजी के मंदिर के आसपास पूजा और प्रार्थना से होती है। इसके बाद ढोल और धमाकेदार तरीके से रंग खेलने की शुरूआत होती है।
पुष्कर की प्राकृतिक और ऐतिहासिक सुंदरता
अरावली की पृष्ठभूमि, पुष्कर झील के किनारे का माहौल और रेत के रंगों का खेल इसको एक दृश्यात्मक अनुभव देने का काम करते हैं।
कैसे जाएं पुष्कर
अगर आप हवाई यात्रा के जरिए पुष्कर जाना चाहते हैं, तो बता दें कि सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है।
वहीं ट्रेन से सफर करने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन अजमेर जंक्शन है। यहां से आप बस और टैक्सी के जरिए पुष्कर जा सकते हैं।
आप राजस्थान के मुख्य शहरों की सड़कें अच्छी हैं और सड़क यात्रा रोमांचक होती है।
यात्रा के लिए खास टिप्स
आप होली से 2-3 दिन पहले पुष्कर पहुंचे, जिससे त्योहार के सभी कार्यक्रमों का आनंद ले सकें।
गुलाल औऱ पानी से खेलने के लिए सनस्क्रीन, एंटी धूल चश्मा और आरामदायक कपड़ पहनें।
भीड़ का ध्यान रखते हुए टिकट और होटल आदि पहले ही बुक कर लें।
यहां पर पारंपरिक मिठाइयां जैसे गुझिया और थंडाई आदि का स्वाद लेना न भूलें।
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