फटाफट सामान पहुंचाने वाली कंपनियों ने होली को और रंगीन बनाने के लिए कमर कस ली हैं। त्योहार की अंतिम समय की खरीदारी के लिए लोग इन मंचों का उपयोग बेधड़क कर रहे हैं और ये अब पड़ोस के किराने की दुकान की जगह ले रही हैं। लोग चाहे गुलाल हो या पिचकारी या फिर गुझिया, लगभग हर जरूरी सामान की खरीद इन इकाइयों से कर रहे हैं।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई जरूरी सामान के लिए किराने के दुकानों तक जाने की जगह अब ‘ऐप’ आधारित फटाफट सामान पहुंचाने वाली कंपनियों ने ले ली है।
इससे इस साल की होली अबतक का सबसे अधिक डिजिटल रूप से संचालित रंगों का त्योहार बन गया है।
ये मंच किराने के सामान के इतर हर्बल यानी प्राकृतिक रंगों से लेकर सफेद टी-शर्ट और वॉटरप्रूफ मोबाइल पाउच तक सब कुछ की आपूर्ति कर रहे हैं।
कंपनियों ने भी मांग में वृद्धि को देखते हुए पूरी तैयारी की है।
ब्लिंकइट ने ‘होली है’ के लिए एक अलग से ‘स्टोरफ्रंट’ बनाया है। इसमें रंगों (हर्बल गुलाल, पानी के गुब्बारे और स्प्रे कैन) और पिचकारी के अलावा फैशन की दुनिया से सफेद सूती टी-शर्ट और कुर्ते जैसे सामान उपलब्ध हैं।
त्योहार की देसी रौनक को ध्यान में रखते हुए, स्टोर में बॉडी ऑयल, गुजिया और ठंडाई भी उपलब्ध हैं।
इसी प्रकार, जेप्टो का ‘होली कार्निवल’ बुनियादी त्योहार की वस्तुओं से आगे बढ़कर होलिका दहन के लिए गोबर के उपले और हवन की लकड़ी भी पेश कर रहा है। इसमें पिचकारी की एक विस्तृत श्रृंखला भी है, जिसमें विशेष टैंक से लेकर इलेक्ट्रिक गन और ब्लास्टर तक शामिल हैं। जेप्टो ट्रेंडी हेयर विग, पार्टी गॉगल्स और पार्टी पॉपर भी बेच रही है।
यह पार्टी के बाद के बाजार को भी ध्यान में रख रहा है, जिसमें हैंगओवर के इलाज, हाइड्रेशन ड्रिंक्स, हेवी-ड्यूटी डिटर्जेंट और नहाने की आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।
स्विगी इंस्टामार्ट, कोका-कोला, बोट, पोर्टोनिक्स और दावत जैसे ब्रांडों के साथ अभियान चला रहा है।
इंस्टामार्ट के स्टोर पर मात्र 15 रुपये से पिचकारी, ‘इंस्टेंट फूड’ विकल्प और पार्टी को सजाने-संवारने के सामान उपलब्ध हैं।
हालांकि, इन मंचों के समक्ष कुछ समस्या भी है। असली चुनौती लॉजिस्टिक में हो रही है, जिसका सामना डिलिवरी भागीदारों को करना पड़ रहा है। ये घरों को सामान पहुंचाने के लिए त्योहार में भी दोपहिया पर ही अपना समय बिताने का विकल्प चुन रहे हैं ताकि लोगों में उत्सव का माहौल बना रहे।
सबसे बड़ी चुनौती होली त्योहार के दौरान बाइक चलाने वाले की सुरक्षा और ‘फ्लीट’ प्रबंधन की है। हालांकि, ये इकाइयां कुछ ही मिनटों में सामान पहुंचाने का वादा करती हैं, लेकिन व्यस्त समय में कीमतों में बढ़ोतरी, ‘ऑर्डर बैचिंग’ और डिलिवरी में थोड़ा अधिक समय लगने की संभावना है।
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