दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का दावा है कि सेंट्रल दिल्ली में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगी हुई है और प्रदर्शनकारी बिना इंटरनेट के मैसेज भेजने के लिए कुछ खास ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।
Bluetooth Mesh Network क्या है?
इस तकनीक में किसी मोबाइल टावर या इंटरनेट सर्वर की जरूरत नहीं पड़ती। अगर दो फोन में एक ही ऐप इंस्टॉल है और दोनों Bluetooth की रेंज में हैं, तो वे सीधे एक-दूसरे से कनेक्ट हो सकते हैं। अगर बीच में और भी लोग उसी ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हर फोन एक “रिले” की तरह काम करता है। यानी पहला फोन मैसेज दूसरे फोन तक पहुंचाता है, दूसरा तीसरे तक और इसी तरह मैसेज आगे बढ़ता रहता है। इसी व्यवस्था को Mesh Network कहा जाता है।
Bitchat App ऐसे करता है काम
Offline Messaging Apps में सबसे ज्यादा चर्चा Bitchat की हो रही है। यह ऐप जुलाई 2025 में X (पहले Twitter) के सह-संस्थापक जैक डोर्सी द्वारा लॉन्च किया गया था। इस ऐप की खास बात यह है कि इसमें अकाउंट बनाने, मोबाइल नंबर जोड़ने या किसी सेंट्रल सर्वर से कनेक्ट होने की जरूरत नहीं होती। अगर आसपास मौजूद लोग भी यही ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं, तो Bluetooth के जरिए मैसेज एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस तक पहुंच सकता है। Android प्लेटफॉर्म पर ऐसे कई अन्य ऐप भी उपलब्ध हैं, जो इसी तरह की तकनीक पर काम करते हैं।
Internet के बिना ऐसे पहुंचता है मैसेज
जब कोई यूजर मैसेज भेजता है, तो वह मोबाइल टावर या इंटरनेट के जरिए नहीं जाता। इसके बजाय, मैसेज Bluetooth के जरिए पास मौजूद दूसरे फोन तक पहुंचता है। वह फोन उसी मैसेज को आगे दूसरे फोन तक भेज देता है। इस तरह मैसेज एक-एक डिवाइस से आगे बढ़ते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकता है। अगर किसी इलाके में ऐसे ऐप इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या ज्यादा हो, तो नेटवर्क और मजबूत हो जाता है और मैसेज ज्यादा दूरी तक पहुंच सकते हैं।
पुलिस कर रही है जांच
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या प्रदर्शन के दौरान ऐसे ऐप्स का इस्तेमाल किया गया था। इसके लिए पुलिस इंटरनेट प्रोटोकॉल डिवाइस रिकॉर्ड (IPDR), CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारियों की जांच कर रही है। हालांकि, जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.