एआई की वैश्विक दौड़ में चीन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। चीनी एआई कंपनी मूनशॉट ने शुक्रवार को अपना नया मॉडल किमी के3 पेश किया। कंपनी का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा ओपन-वेट एआई मॉडल है और इसकी क्षमता अमेरिका की अग्रणी कंपनियों के ऐडवांस मॉडलों के काफी करीब पहुंच चुकी है। इस घोषणा के बाद एक बार फिर चीन और अमेरिका के बीच एआई क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा चर्चा का विषय बन गई है।
बता दें कि मूनशॉट के अनुसार किमी के3 में कुल 2.8 लाख करोड़ मानक इकाइयों का उपयोग किया गया है। कंपनी का कहना है कि यह पहला ओपन-वेट मॉडल है जो तीन लाख करोड़ मानक इकाइयों के स्तर के बेहद करीब पहुंचा है। इसे जटिल तर्क क्षमता, लंबे समय तक चलने वाले प्रोग्रामिंग कार्य और ज्ञान आधारित कामों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार इस मॉडल में 10 लाख टोकन तक का संदर्भ दायरा दिया गया है। इसका मतलब है कि यह एक बार में पहले की तुलना में कहीं अधिक जानकारी को समझने और याद रखने में सक्षम है। इससे बड़े दस्तावेजों का विश्लेषण, लंबी बातचीत और जटिल तकनीकी कार्य पहले से अधिक आसानी से किए जा सकेंगे।
कंपनी का दावा है कि हार्डवेयर उपयोग और प्रसंस्करण गति के मामले में किमी के3 का प्रदर्शन एंथ्रोपिक के फेबल 5 मॉडल के बेहद करीब है। वहीं कुछ परीक्षणों में यह ओपनएआई के ओपस 4.8, जीपीटी 5.6 सोल और जीपीटी 5.5 जैसे मॉडलों से बेहतर परिणाम देने में सफल रहा है।
गौरतलब है कि स्वतंत्र परीक्षण संस्थाओं ने भी इस मॉडल के प्रदर्शन को मजबूत बताया है। एरीना एआई ने वेब इंटरफेस तैयार करने की क्षमता के आधार पर किमी के3 को पहला स्थान दिया है। वहीं वाल्स एआई की रैंकिंग में यह एंथ्रोपिक के फेबल 5 के बाद दूसरे स्थान पर रहा। दूसरी ओर आर्टिफिशियल एनालिसिस ने इसे ओपनएआई के जीपीटी 5.5 और एंथ्रोपिक के क्लॉड ओपस 4.8 के बराबर प्रदर्शन करने वाला मॉडल बताया है, खासकर जटिल और कई चरणों वाले कामों में।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीनी कंपनियां अब पहले की तुलना में कहीं तेजी से नए मॉडल पेश कर रही हैं। हाल ही में जेड डॉट एआई के जीएलएम 5.2 मॉडल ने भी वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद यह धारणा कमजोर पड़ती दिखी कि चीन एआई के क्षेत्र में अमेरिका से कई महीने पीछे है।
मौजूद जानकारी के अनुसार हांगकांग में सूचीबद्ध मिनीमैक्स भी 2.7 लाख करोड़ मानक इकाइयों वाला नया मॉडल विकसित कर रही है, जिसे वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही तक पेश किए जाने की संभावना है। वहीं डीपसीक का वी4 प्रो और मीतुआन का लॉन्गकैट 2.0 पहले ही चीन के प्रमुख एआई मॉडलों में शामिल हैं।
गौरतलब है कि ओपन-वेट मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि उपयोगकर्ता इन्हें अपने अनुसार डाउनलोड, संचालित और संशोधित कर सकते हैं। इसके विपरीत बंद स्रोत वाले मॉडल में ऐसी सुविधा मौजूद नहीं होती है।
मूनशॉट का कहना है कि किमी के3 में दो बड़े तकनीकी सुधार किए गए हैं, जिनसे इसकी गणनात्मक क्षमता बढ़ी है और यह कम मानवीय हस्तक्षेप के साथ लंबे प्रोग्रामिंग कार्य पूरे कर सकता है। अलीबाबा और टेनसेंट जैसी बड़ी कंपनियों के समर्थन से मूनशॉट लगातार अपने अनुसंधान और निवेश का विस्तार कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार कंपनी संभावित हांगकांग सूचीबद्धता से पहले लगभग 2 अरब अमेरिकी डॉलर का नया निवेश जुटाने की तैयारी भी कर रही है। इससे साफ है कि चीन एआई के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा को नई दिशा देने की कोशिश में लगातार आगे बढ़ रहा है।