ChatGPT का नया Computer History फीचर Mac पर आपकी पिछली एक्टिविटीज का कॉन्टेक्स्ट याद रखकर आगे के काम में मदद कर सकता है। आइए आपको इसके बारे में बताते हैं।
उदाहरण के लिए, अगर आपने पहले किसी वेबसाइट पर रिसर्च की, किसी डॉक्यूमेंट पर काम किया या किसी दूसरे ऐप में जरूरी जानकारी देखी, तो बाद में ChatGPT उस एक्टिविटी के कॉन्टेक्ट का इस्तेमाल आपके सवाल का जवाब देने में कर सकता है। इसका मकसद बातचीत को ज्यादा contextual बनाना है, जिससे यूजर को बार-बार पुरानी जानकारी दोहरानी ना पड़े।
कैसे काम करता है यह फीचर?
Computer History आपके कंप्यूटर की एक्टिविटीज को एक टाइमलाइन में ऑर्गनाइज करता है। यूजर यह चुन सकता है कि किन ऐप्स और वेबसाइटों की गतिविधि इस हिस्ट्री का हिस्सा बने। OpenAI के मुताबिक, यूजर इस फीचर को pause कर सकता है और अपनी हिस्ट्री को देख या डिलीट भी कर सकता है। इसी तरह यह भी कंट्रोल किया जा सकता है कि कौन-से ऐप या वेबसाइट Computer History में शामिल हों।
इसका मतलब यह है कि फीचर पूरी तरह बैकग्राउंड में सबकुछ रिकॉर्ड करने के लिए मजबूर नहीं करता। यूजर के पास यह तय करने के ऑप्शंस हैं कि वह ChatGPT को अपने कंप्यूटर की एक्टिविटी का कितना कॉन्टेक्स्ट देना चाहता है।
इससे यूजर्स को क्या फायदा होगा?
फीचर का सबसे बड़ा फायदा काम को दोबारा शुरू करने में मिल सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आपने किसी प्रोजेक्ट पर पहले रिसर्च की थी और कुछ दिनों बाद उसी काम पर वापस लौटते हैं, तो ChatGPT पिछली कंप्यूटर एक्टिविटी के कॉन्टेक्स्ट से आपको जानकारी ढूंढने या आगे का काम करने में मदद कर सकता है।
फीचर उन लोगों के लिए खास तौर पर काम का हो सकता है जो एक साथ कई ऐप्स और वेबसाइटों पर काम करते हैं। रिसर्च, कंटेंट क्रिएशन, डॉक्यूमेंट तैयार करने और कोडिंग जैसे कामों में पिछली एक्टिविटी का कॉन्टेक्स्ट AI को ज्यादा काम का बना सकता है। OpenAI के नए ChatGPT एक्सपीरियंस में ऐप्स और सेवाओं से संबंधित जानकारी को बातचीत में लाने और पहले किए गए काम को फिर से शुरू करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
Privacy को लेकर खास इंतजाम
Computer History के साथ सबसे बड़ा सवाल प्राइवेसी का है, क्योंकि फीचर को कंप्यूटर पर यूजर की एक्टिविटी का कॉन्टेक्स्ट उपलब्ध होता है। OpenAI ने इसके लिए यूजर कंट्रोल्स दिए हैं। यूजर तय कर सकता है कि कौन-से ऐप्स और वेबसाइट्स हिस्ट्री में योगदान करें, फीचर को रोक सकता है और अपनी हिस्ट्री को रिव्यू या डिलीट कर सकता है।
इसलिए यह फीचर इस्तेमाल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपने किन ऐप्स और वेबसाइटों को इसमें शामिल किया है। खासकर संवेदनशील या निजी जानकारी वाले काम के दौरान इन सेटिंग्स पर ध्यान देना जरूरी होगा।
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