‘चांद मेरा दिल’ का BO पर चला जादू
‘चांद मेरा दिल’ का कलेक्शन पहले दिन से अच्छा रहा है। फिल्म ने 3 करोड़ के साथ बेहतर ओपनिंग की। इसके बाद दूसरे दिन यानी शनिवार को इसके कारोबार में 15 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। अब ट्रेड एनालिस्ट सैकनिल्क ने फिल्म के तीसरे दिन का शुरुआती कलेक्शन में साझा कर दिया है।
अनन्या-लक्ष्य की फिल्म की कमाई में उछाल
सेकनिल्क के अर्ली ट्रेड के मुताबिक, अनन्या पांडे और ‘किल’ और ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ के एक्टर लक्ष्य लालवानी की फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ की कमाई बढ़ी है। फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 4.35 करोड़ रुपये बटोरे हैं। इसी के साथ फिल्म ने अबतक लगभग 11.10 करोड़ रुपये कमा लिए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘चांद मेरा दिल’ का बजट 45 करोड़ रुपये हैं। अगर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इसी तरह से आगे बढ़ती रही, तो इसे अपनी लागत वसूलने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
इन दो फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को दी मात
‘चांद मेरा दिल’ ने रिलीज के तीसरे दिन भारत में 10 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। इसी के साथ ये बॉलीवुड में साल 2026 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली रोमांटिक ड्रामा फिल्म बन गई है। इस फिल्म ने जुनैद खान स्टारर ‘एक दिन’ (4.3 करोड़) और मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी स्टारर ‘दो दीवाने सहर में’ (7.98 करोड़) के लाइफटाइम कलेक्शन को पछाड़ दिया है।
फिल्म की कहानी क्या?
‘चांद मेरा दिल’ फिल्म की कहानी यंग कपल आरव रावत (लक्ष्य) और चांदनी प्रसाद (अनन्या पांडे) के ईर्द गिर्द घूमती है। 21 साल की उम्र में इंजीनियरिंग कॉलेजमें मिले आरव और चांदनी एक-दूजे के प्यार में पड़ जाते हैं। इसके बाद दोनों की एक ‘गलती’ उनके जीवन में नया मोड़ ले आती है। कपल परिवार के खिलाफ जाकर शादी कर लेता है।
हालांकि, एक-दूजे में खोने और एम्बेरेसिंग बातें करने वाले आरव और चांदनी को ये नहीं पता होता कि जिंदगी में सिर्फ प्यार ही काफी नहीं है। दोनों की परवरिश एकदम अलग परिवार में हुई, चांदनी ऐसे घर में पली-बढ़ी जहां उसने अपनी मां को घरेलू हिंसा का शिकार होते देखा। जबकि आरव के माता-पिता को बच्चों से ज्यादा अपनी झूठी इमेज की चिंता सताती है। इसी बीच, कम उम्र में ज्यादा जिम्मेदारियों के बोझ तले दबे आरव और चांदनी के बीच जल्द दूरियां आ जाती हैं।
इस पड़ाव के बाद ही असल कहानी की शुरुआत होती है। इश्क में इंतजार, दर्द और इम्तिहान का सफर आरव और चांदनी की जिंदगी में क्या-क्या मोड़ लेकर आता है, ये जानने के लिए आपको थिएटर का रुख करना होगा। लगभग 2.30 घंटे की फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ आपको बोरिंग, प्रेडिक्टेबल और क्रिंज लग सकती है। हालांकि, कहा जा सकता है कि इस लव स्टोरी के जरिये आज की पीढ़ी की हकीकत को दिखाया गया है।
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