भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण का कार्य देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हो गया है। वहीं, शुक्रवार से तमिलनाडु और त्रिपुरा में जनगणना के पहले चरण के तहत हाउसलिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस (HLO) के लिए ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन यानी सेल्फ रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। तमिलनाडु CM सी जोसेफ विजय ने भी सचिवालय में अपनी जानकारी पोर्टल में दर्ज की। दोनों राज्यों में 31 जुलाई तक पोर्टल खुला रहेगा। इसके बाद 1 अगस्त से 30 अगस्त तक जनगणनाकर्मी घर-घर जाकर हाउसलिस्टिंग और जनगणना करेंगे। मंत्रालय का कहना है कि जो परिवार ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन पूरा करेंगे, वे अपने जनरेट किए गए सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी को नोट करके रखें। जब जनगणनाकर्मी उनके घर आएं तो वह नंबर उनसे शेयर कर दें, ताकि प्रक्रिया पूरी की जा सके। जनगणना 2027 पहली बार डिजिटल मोडेम में कराई जा रही है। इसके लिए विशेष मोबाइल एप के जरिए डेटा संग्रह किया जा रहा है, हालांकि घर-घर जाकर गणना की व्यवस्था भी जारी रहेगी। केरलम-नगालैंड में 30 जुलाई तक चलेगा हाउसलिंस्टिंग वर्क इस बीच, केरलम और नगालैंड में हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस का फील्ड सर्वे जारी है। यह 30 जुलाई तक चलेगा। जिन परिवारों ने सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें गणनाकर्मी घर-घर जाकर कवर करेंगे। हाउसलिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस के दौरान घर-परिवार का विवरण, सुविधाएं और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी 33 सवालों के जरिए इकट्ठा की जा रही है। गृह मंत्रालय का कहना है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत जुटाई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। इनका इस्तेमाल केवल स्टेटेटिक एनालिसिस और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा।
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