अमेरिका ईरान के बीच दूसरी शांति वार्ता होने से पहले ही होर्मुज में बारूद बरसने लगा है। यूएस नेवी ने ईरानी कार्गो शिप को कब्जे में ले लिया जिसका ईरान ने भी विध्वंसक पलटवार किया है। इसके बाद से होर्मुज पर टेंशन एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गई है। पाकिस्तान में होने वाली वार्ता में शामिल होने से ईरान ने साफ इंकार कर दिया है। उधर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि टॉस्का नामक जहाज हॉर्मोज स्टेट को पार करने की कोशिश कर रहा था। इसे अमेरिकी डिस्ट्रयर यूएसएस क्रोंस ने रोक दिया है और जहाज ने चेतावनी को नजरअंदाज किया था। इसके बाद अमेरिकी मरीन ने उसे रोका और इसके बाद मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से जंग के विध्वंसक होने के आसार हैं और सबसे बड़ा सवाल क्या सीजफायर की मियाद खत्म होने से पहले ही एक बार फिर से जंग भड़क चुकी है। बारूद बरस रहा है। इसी पर खास मेहमानों के साथ करेंगे चर्चा।
इसे भी पढ़ें: US-Iran वार्ता से पहले Islamabad बना छावनी, Trump के दौरे की अटकलों पर 10,000 जवान तैनात
फिलहाल बातचीत से समाधान के कोई आसार नहीं दिखाई दे रहे। अमेरिका का डेलीगेशन इस्लामाबाद के लिए उड़ान भरने वाला है। ट्रंप ईरान को धमका रहे हैं तो उधर ईरान झुकने को कतई तैयार नहीं है। ऐसे में बारूदी हमले का राउंड टू कभी भी शुरू हो सकता है। डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा डील करो नहीं तो फिर हमले होंगे। ईरान ने कहा शर्तें नहीं मानेंगे और ना ही इस्लामाबाद डेलीगेशन भेजेंगे। अमेरिका का रवैया ठीक नहीं। यानी साफ है की बात बनती नहीं दिखाई दे रही है। दूसरे दौर की शांति वार्ता खतरे में पड़ गई है और इसके लिए ईरान ने अमेरिका को ही जिम्मेदार ठहराया है। ईरान ने कहा अमेरिका की अत्याधिक मांगे बार-बार रुख बदलना और ट्रंप के विरोधाभासी बयान।
इसे भी पढ़ें: अमेरिका के लिए जासूसी कर रहे हैं मुनीर? ईरान में एंट्री से मचा बड़ा बवाल
मिडिल ईस्ट में शांति नहीं ला सकते। इस बीच होर्मुज की इन तस्वीरों ने तनाव और बढ़ा दिया है। दूसरे राउंड की बातचीत से पहले अमेरिका ने ईरान के कारगोशिप पर फायरिंग की है। ट्रंप का दावा है कि ईरानी जहाज ने होर्मुज में अमेरिकी नेवी की वार्निंग को नजरअंदाज किया। नाकेबंदी को पार करने की कोशिश की। इसके बाद उसे बलपूक रोका गया और फिर उसे कब्जे में ले लिया गया और अब ईरानी जहाज अमेरिका के कब्जे में है। दोनों देशों के बीच तनाव को लेकर सिर्फ होर्मुज ही नहीं बल्कि कई अहम मुद्दे हैं जिन पर अभी तक बात नहीं बन पाई है। ट्रंप चाहते हैं कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे। लेकिन ईरान ऐसा करने को बिल्कुल तैयार नहीं है। यह ईरान के लिए पवित्र मिट्टी की तरह है। ट्रंप ने कहा ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम अनिश्चित काल के लिए रोकेगा। ईरान ने कहा हमारा परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए है और जारी रहेगा। ट्रंप ने कहा होर्मुज की नाकेबंदी जारी रहेगी तो ईरान ने कहा नाकेबंदी जारी रही तो दूसरे रास्ते बंद करेंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम होम पर कंट्रोल और लेबनान में सीज फायर जैसे मुद्दों को लेकर पिछली शांति वार्ता विफल हो गई थी। अमेरिका फिर से इन्हीं मुद्दों पर दबाव बनाएगा। यह ईरान जानता है और इसीलिए ईरान ने इस बार इस्लामाबाद में अपना डेलीगेशन भेजने से इंकार कर दिया है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.