बोर्ड के अनुसार कक्षा 12वीं की पूरक परीक्षा में शामिल विद्यार्थी 31 अगस्त से मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रति प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि एक सिंतबर निर्धारित की गयी है।
कितना लगेगा फीस
स्कैन कॉपी के लिए विद्यार्थियों को 100 प्रति विषय फीस देना होगा। अंकों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया सात सितंबर से आठ सितंबर तक चलेगी। अंकों के सत्यापन के लिए 100 प्रति प्रश्न शुल्क निर्धारित किया गया है। विद्यार्थी सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन दोनों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
पहले लेनी होगी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी
सीबीएसई के नोटिस के अनुसार, छात्रों को सबसे पहले मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद ही वे अंकों के वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे। स्कैन कॉपी मिलने के बाद छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका को ध्यान से जांचने की सलाह दी गई है। अगर उन्हें किसी तरह की गलती या गड़बड़ी नजर आती है, तो वे तय समय सीमा के भीतर वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
यहां देखें पूरा शेड्यूल और फीस
सुविधा- तारीख-फीस
मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी- 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026- 100 रुपये प्रति विषय
अंकों का वेरिफिकेशन- 7–8 सितंबर 2026- 100 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका
री-इवैल्यूएशन- 7–8 सितंबर 2026- 100 रुपये प्रति प्रश्न
वेरिफिकेशन + री-इवैल्यूएशन- 7–8 सितंबर 2026- लागू शुल्क के अनुसार
केवल थ्योरी वाले हिस्से का होगा री-इवैल्यूएशन
सीबीएसई के मुताबिक, री-इवैल्यूएशन की सुविधा केवल थ्योरी वाले हिस्से के लिए उपलब्ध होगी। किसी प्रश्न के सिर्फ एक हिस्से का री-इवैल्यूएशन नहीं किया जाएगा, बल्कि पूरे प्रश्न का री-इवैल्यूएशन होगा। छात्रों को री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित विषय की मार्किंग स्कीम और प्रश्न पत्र को सीबीएसई की वेबसाइट पर देखने की सलाह दी गई है। साथ ही, आवेदन करते समय री-इवैल्यूएशन मांगने का कारण स्पष्ट रूप से बताना होगा।
री-इवैल्यूएशन में अंक कम भी हो सकते हैं
वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इसके बाद अंकों में बढ़ोतरी या कमी दोनों संभव हैं। यानी री-इवैल्यूएशन के बाद अगर अंक कम होते हैं, तो उन्हें भी लागू किया जाएगा। बोर्ड ने साफ तौर पर कहा है कि एक अंक की कमी होने पर भी उसे स्वीकार करना होगा। री-इवैल्यूएशन का परिणाम सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
केवल ऑनलाइन होगा आवेदन
सीबीएसई ने छात्रों को निर्देश दिया है कि स्कैन कॉपी, वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन और फीस का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से करें। तय समय सीमा के बाद जमा किए गए आवेदन या किसी अन्य माध्यम से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
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