चीन की दिग्गज कार निर्माता कंपनी BYD ने जापानी मार्केट में तहलका मचाने की तैयारी कर ली है। बता दें कि कंपनी ने जापानी मार्केट में अपनी नई और छोटी इलेक्ट्रिक कार ‘राको’ (Racco) को पेश किया है।
जापान में छोटी कारों की डिमांड
जापान में छोटी और सस्ती कारों को ‘केई’ (kei) कार कहा जाता है। देश के कुल नए कार मार्केट में इनकी हिस्सेदारी लगभग 40 पर्सेंट है। वहां की तंग गलियों और ग्रामीण इलाकों की सड़कों के लिए ये माइक्रो वैन्स और ट्रक्स काफी मुफीद माने जाते हैं। नई पेट्रोल वाली केई कारें वहां महज 12 लाख येन में मिल जाती हैं। अब बीवायडी भी इसी बड़े सेगमेंट में सेंध लगाने जा रही है।
इन कंपनियों का है कब्जा
जापानी मिनीकार मार्केट पर सालों से टोयोटा ग्रुप की सुजुकी, दाईहात्सु और होंडा का कब्जा रहा है। ये कंपनियां मिलकर इस मार्केट का करीब 80 पर्सेंट हिस्सा संभालती हैं। विदेशी ब्रांड्स के लिए जापानी बाजार में टिकना हमेशा से मुश्किल रहा है। इसके बावजूद, बीवायडी पीछे हटने को तैयार नहीं है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि रोजाना की छोटी दूरी के लिए मिनीकार सबसे व्यावहारिक ऑप्शन बनती जा रही हैं।
आसान नहीं BYD की राह
जापान में इलेक्ट्रिक वाहनों की राह उतनी आसान नहीं रही है। निसान की ‘सकुरा’ ईवी फिलहाल वहां सबसे ज्यादा बिकती है। सकुरा की शुरुआती कीमत 24.4 लाख येन है और यह 180 किमी की रेंज देती है। वहीं, बीवायडी की ‘राको’ का बेस मॉडल 21.5 लाख येन का है। सरकारी सब्सिडी मिलने के बाद राको की कीमत निसान सकुरा के काफी करीब आ जाएगी। यह निसान सकुरा और होंडा की ‘N-One e:’ जैसी कारों को कड़ी टक्कर देगी।
क्या है BYD की प्लानिंग
जापान में पैर जमाने के लिए बीवायडी लगातार अपने शोरूम और मॉडल्स की संख्या बढ़ा रही है। कंपनी का दावा है कि इस महीने के अंत तक वह जापान में 10,000 गाड़ियां डिलीवर कर चुकी होगी। फिलहाल देश भर में उसके 77 बिक्री केंद्र मौजूद हैं। अपनी बिक्री को और रफ्तार देने के लिए कंपनी जल्द ही दो नए हाइब्रिड मॉडल (Atto 2 और Seal 6) भी पेश करने वाली है।
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