गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है और तापमान भी हर दिन नया रिकॉर्ड बना रहा है। ऐसे मौसम में लोग अपने घर को ठंडा और आरामदायक बनाए रखने के उपाय ढूंढते हैं। हालांकि एयर कंडीशनर (AC) एक अच्छा विकल्प है, लेकिन कम खर्च में राहत पाने के लिए ज्यादातर लोग आज भी एयर कूलर का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं।
खासकर हर किसी के पास कमरे में एसी लगाना संभव नहीं होता है। लेकिन, एयर कूलर खरीदना इतना आसान नहीं है कि आप बाजार में मिलने वाला कूलर ही खरीद लें। बता दें कि, अलग-अलग एयर कूलर अलग-अलग स्पेस और जरूरतों के लिए बनाए जाते हैं। इसलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि आपके घर के लिए कौन-सा कूलर बेस्ट होगा।
एयर कूलर कैसे काम करता है
आमतौर पर एयर कूलर एवोपरेटिव कूलिंग नाम के प्रोसेस के इस्तेमाल करते हैं। ये गर्म हवा को खींचते हैं और उसे पानी से भीगे हुए कूलिंग पैड्स गुजरते हैं। जैसे ही पानी इवेपोरेट होता है, हवा ठंडी हो जाती है। इसके बाद एक फैन इस ठंडी हवा को बाहर फेंकता है। कूलिंग का ये तरीका सूखे मौसम और प्रॉपर वेंटिलेशन वाली जगहों पर सबसे अच्छा काम करता है। खिड़की और दरवाजे को थोड़ा ओपन रखने से एयरफ्लो और कूलिंग परफॉर्मेंस को बेहतर किया जा सकता है।
एयर कूलर के प्रकार
आजकल एयर कूलर अलग-अलग टाइप्स में आ रहे हैं। डेजर्ट कूलर्स बड़े कमरों और खुले जगह के लिए बनें होते हैं। ये एकदम अच्छी हवा देते हैं और बड़े एरिया को ठंडा कर सकते हैं। पर्सनल कूलर्स कॉम्पैक्ट मॉडल्स हैं, जो बेडरूम, स्टडी रूम और दूसरे छोटे स्पेसेज में अच्छे से काम करते हैं।
वहीं, टावर कूलर्स का डिजाइन स्लिम होता है और ये फर्श पर कम जगह घेरते हैं। ये मॉर्डन घरों में आसानी से फिट हो जाते हैं। बेहतरीन कूलिंग परफॉर्मेंस देते हैं। विंडो कूलर्स को खिड़की के पास रखा जाता है और ये सीधे बाहर से ताजी हवा खीचते हैं।
सही एयर कूलर को कैसे चुनें?
जब कूलर चुनें तो सबसे जरुरी है कि कमरे का साइज। बहुत छोटा कूलर शायद पर्याप्त कूलिंग न दे पाए, वहीं हर बार बड़ा मॉडल ही सबसे अच्छा ऑप्शन हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
– छोटे रुम के लिए- पर्सनल कूलर, टावर कूलर या विंडो कूलर
– मीडियम साइज के कमरे के लिए- टावर कूलर, विंडों कूलर या छोटे डेजर्ट कूलर
– बड़े कमरे और आउटडोर स्पेस- डेर्जट कूलर
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