चौधरी ने कहा कि प्रभातजी एक सजग पत्रकार, एक संवेदनशील लेखक, एक कुशल संगठनकर्ता और सबसे बढ़कर राष्ट्रहित को सर्वोपरि माननेवाले कर्मयोगी थे। उनके शब्दों में विचार की दृढ़ता थी और उनके व्यक्तित्व में आत्मीयता का अद्भुत तेज। इसे भी पढ़ें: National Herald Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने गांधी परिवार को दिया 3 हफ़्ते का समय, ED की याचिका पर मांगा जवाब
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने कहा कि प्रभात झा बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उनकी विशेषता थी कि उन्होंने सत्य का धर्म भी अपनाया और दल के बंधन में भी बंधे रहे। उन्होंने अच्छी पुस्तकों का संपादन किया। भाषा पर उनका पूरा अधिकार था। उन्होंने आयोजकों से कहा कि प्रभातजी की स्मृति में आयोजन की निरंतरता बनाए रखिए और उनके विचारों एवं लेखनी से लोगों को परिचित कराएं। अगली पुण्यतिथि से प्रभातजी को जो विषय प्रिय थे उन पर स्मारक व्याख्यान का सिलसिला शुरू कराएं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर ने कहा कि प्रभातजी के विचारों में स्पष्टता थी। राजनीति में विचार के लिए ऐसे आग्रही कम मिलते हैं। वे उसी विलक्षणता और विरलता की परंपरा के व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति को शक्ति मिलती है तो शक्ति के साथ थोड़ी सख्ती भी मिलती है। मगर शक्ति मिली और नरमाई आ गई, उस मृदुलता का नाम प्रभात झा हैं। प्रभातजी के काम में गहराई दिखती है। उन्होंने लोगों में भरोसा जगाया और लोगों के बूते भरोसा कमाया। इसे भी पढ़ें: बिहार में प्रतिदिन एक करोड़ लीटर दुग्ध उत्पादन का लक्ष्य, सुधा को बनाएंगे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
कमल संदेश पत्रिका के संपादक शिव शक्ति नाथ बक्सी ने कहा कि प्रभात झा नेपथ्य में रहकर कार्य करने वाले नेताओं में से थे। वे लोकसंग्रही थे। उन्होंने मध्यप्रदेश और दिल्ली में संगठक के नाते उल्लेखनीय कार्य किया। कमल संदेश में हम परिवार भाव से काम करते हैं और इसकी प्रेरणा प्रभातजी से मिलती है। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा ने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को जोड़ना और उनको साथ लेकर चलना, यह बड़ा काम प्रभातजी ने किया। मध्यप्रदेश भाजपा के वे संवाद प्रमुख रहे और इस दायित्व पर उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान किया।
कार्यक्रम में अतिथियों ने कमल संदेश के सह संपादक संजीव सिन्हा द्वारा संपादित ‘प्रभात झा : व्यक्ति एवं कृतित्व’ और सुमित मिश्र द्वारा लिखित ‘नवभारत का न्याय दर्शन’ पुस्तकों का लोकार्पण किया। संगोष्ठी का संचालन संजीव सिन्हा ने और धन्यवाद ज्ञापन शरत झा ने किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अवधेश कुमार, मनोज मिश्र, विधायक अभय वर्मा, भाजपा पूर्वांचल मोर्चा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष संतोष ओझा, विद्यानंद ठाकुर, तुष्मुल झा, अंजनी झा सहित अनेक विशिष्टजन उपस्थित रहे।
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