Bank of Baroda से जुड़े बड़े डेटा लीक की रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें ग्राहकों और बैंक के सेंसिटिव डॉक्यूमेंट्स के डार्क वेब पर पहुंचने का दावा किया गया है। बैंक ने कहा है कि उसका कोर बैंकिंग सिस्टम सेफ है।
कौन-कौन सा डाटा लीक होने का दावा?
ऑनलाइन सामने आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि डाटा लीक में कई तरह की बैंकिंग और ग्राहकों से जुड़ी जानकारी शामिल हो सकती है। इनमें अकाउंट होल्डर्स के नाम, अकाउंट से जुड़ी जानकारी, लोन रिकॉर्ड, Net Banking यूजर्स से संबंधित डाटा, KYC डॉक्यूमेंट्स और अन्य बैंकिंग रिकॉर्ड का जिक्र किया गया है। कुछ रिपोर्टों में NRI और कॉरपोरेट बैंकिंग सेवाओं से जुड़े डाटा और इंटरनल डॉक्यूमेंट्स लीक होने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन सभी कैटेगरीज का डाटा लीक होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Bank of Baroda ने क्या कहा?
Bank of Baroda ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामला एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट से जुड़ा था। बैंक के मुताबिक, उसके कोर बैंकिंग सिस्टम्स सेफ हैं और अटैक को समय रहते रोक दिया गया। बैंक ने मामले की फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है कि बैंक के मुख्य बैंकिंग सिस्टम को सीधे हैक कर लिया गया या ग्राहकों के बैंक बैलेंस पर सीधा असर पड़ा है।
Bank of Baroda में अकाउंट है तो क्या करें?
सबसे पहले घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अलर्ट रहना जरूरी है। आने वाले दिनों में अगर आपको Bank of Baroda के नाम से कोई संदिग्ध फोन, SMS, ईमेल या WhatsApp मैसेज मिलता है तो सावधान रहें। इसके अलावा किसी के साथ OTP, ATM PIN, CVV या Net Banking पासवर्ड शेयर ना करें। साथ ही अपने बैंक अकाउंट के ट्रांजैक्शन और SMS अलर्ट पर नजर रखें।
इसके अलावा किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर या शाखा से संपर्क करें। अगर आपके साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 पर साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन को कॉल करें और संबंधित आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
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