(अजय मसंद)
काकामिगाहारा (जापान), एक अक्टूबर भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ करीबी जीत के बाद कहा कि उसके जैसे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ छोटी-छोटी गलतियों के लिए किसी तरह की गुंजाइश नहीं है वह भी तब जबकि भावनाएं हावी हो रही हों। भारत ने बृहस्पतिवार को खेला गया यह मैच 4-3 से जीता लेकिन इस दौरान पाकिस्तान ने वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर लिया और भारत ने 3-0 की बढ़त गंवा दी। मैच में तनाव के पल भी आए जब 37वें मिनट में हुई तीखी बहस के बाद पाकिस्तान के अम्माद बट को पीला कार्ड और भारत के दिलप्रीत सिंह को हरा कार्ड दिखाया गया।
हरमनप्रीत को स्थिति को संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने अपने साथियों से संयम बनाए रखने का आग्रह किया। भारतीय कप्तान के लिए प्राथमिकता हॉकी खेलना थी, न कि किसी टकराव में उलझना। हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘हम यहां हॉकी खेलने आए हैं।
अगर हमें मैच जीतना है तो शांत रहना होगा। वे हमारा ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे थे। हमारा पूरा ध्यान खेल पर है।
हम लड़ना नहीं चाहते। मुझे लगता है हमने स्थिति को अच्छे से संभाला। हमें दंडित किया गया।
हमने कार्ड स्वीकार कर लिया।’’
भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम ने काफी हद तक अपनी रणनीति पर अमल किया और मजबूत शुरुआत करते हुए मौके बनाए और उन्हें गोल में तब्दील किया। लेकिन दूसरे हाफ में नियंत्रण खोने और अनुशासनहीनता के कारण पाकिस्तान को वापसी करने का मौका मिल गया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने खेल में अधिकतर समय अपनी रणनीति पर अमल किया।
हमने अच्छी शुरुआत की, मौके बनाए और अच्छे गोल दागे। दूसरे हाफ में हमने वही गलतियां दोहराईं। हमें एक कार्ड बेवजह मिला।
उन्हें भी कार्ड मिला था। यह हमारे लिए एक अच्छा मौका था और हम समझदार थे। हम गोल दागने में कामयाब रहे।’’
हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘हमें इन विभाग में सुधार करना होगा विशेषकर ऐसे मैचों में।
अगर आप किसी अच्छे टूर्नामेंट में आते हैं और किसी अच्छी टीम के खिलाफ खेलते हैं, तो आप ऐसी छोटी-छोटी गलतियां नहीं कर सकते।
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