लक्ष्य सेन और पी वी सिंधू को एशियाई खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा के व्यक्तिगत वर्ग में कठिन ड्रॉ मिले हैं जबकि गत चैम्पियन सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की सेमीफाइनल तक की राह आसान लग रही है। पिछली बार हांगझोउ में रजत पदक जीतने वाली भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक हासिल किया। सेमीफाइनल में भारत को चीन ने 3 . 1 से हराया।
एकल वर्ग में लक्ष्य और आयुष शेट्टी अपने अपने मैच हार गए थे। महिला वर्ग में भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल में जापान से हारकर पदक से चूक गई। पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा को जापानी प्रतिद्वंद्वियों ने हराया।
इस निराशा से उबरकर भारतीय खिलाड़ियों को अब व्यक्तिगत स्पर्धा में भरपाई करनी होगी। दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य को एशियाई खेलों से पहले लगातार कई मुकाबलों में पहले दौर में पराजय का सामना करना पड़ा है लेकिन जापान के कोडाइ नारोका के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। वह हालांकि चीन के शि यू कि के खिलाफ सेमीफाइनल में वह लय कायम नहीं रख सके।
पहले दौर में लक्ष्य को बाय मिला था और अब वह दूसरे दौर में सिंगापुर के पूर्व विश्व चैम्पियन लोह कीन यू से खेलेंगे। अगर वह लोह को हरा देते हैं तो दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी से सामना होगा। दिल्ली विश्व चैम्पियनशिप में शि यू कि को हराने वाले आयुष को भी पहले दौर में बाय मिला है लेकिन तीसरे दौर में चीनी ताइपै के चोउ तियेन चेन से सामना हो सकता है।
दो बार की ओलंपिक चैम्पियन सिंधू पहले दौर में बाय मिलने के बाद दूसरे दौर में जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त तोमोका मियाजाकी से खेलेंगी। उसमें जीतने पर तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चीन की चेन युफेइ से खेलना होगा। उन्नति का सामना पहले दौर में उत्तर कोरिया की यू मि सोंग से होगा जबकि तीसरे दौर में दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वरदानी से टक्कर हो सकती है।
पुरूष युगल में गत चैम्पियन सात्विक और चिराग की सेमीफाइनल तक की राह आसान है। पहले दौर में उनका सामना थाईलैंड के पी सुकपुन और पक्कापोन तीरात्साकुल से होगा। इसके बाद इंडोनेशिया के लियो रोली कारर्नाडो और डेनियल मार्टिन से टक्कर हो सकती है।
इसमें जीतने पर दक्षिण कोरिया के किम वोन हो और सियो सियुंग जाए से खेलना होगा। महिला युगल में त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का सामना हांगकांग की लोक लोक लुइ और हियु यान सांग से होगा। विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता इस जोड़ी की टक्कर दूसरे दौर में जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो से हो सकती है जो विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है।
भारत को अब तक एकमात्र पदक पुरूष टीम ने कांसे के रूप में दिलाया है। हांगझोउ में 2023 में हुए खेलों में भारत ने तीन पदक जीते थे जब सात्विक और चिराग ने स्वर्ण, पुरूष टीम ने रजत और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल कांस्य जीता था।
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