इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कि भारत सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी सेवाओं में अग्रणी देश के रूप में पहले ही उभर चुका है और अब इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने पीएम मोदी के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए इस बात पर बल दिया कि देश को सेमीकंडक्टर, क्वांटम, अंतरिक्ष और AI जैसे प्रौद्योगिकी के प्रमुख क्षेत्रों में वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की आवश्यकता है।
सेमीकंडक्टर का निर्माण हुआ शुरू
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत ने मोबाइल विनिर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है और मोबाइल फोन देश के प्रमुख निर्यात उत्पादों में से एक बन गए हैं। घरेलू इलेक्ट्रॉनिकी की मांग का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा अब स्थानीय उत्पादन से पूरा हो रहा है। सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत भारत में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो चुका है।
जीपीयू और चिप्स का निर्माण भारत में होगा
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में विश्वसनीय भागीदार बन रहा है। उन्होंने कहा कि गूगल सहित वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों से अपने सर्वर, जीपीयू और चिप्स का निर्माण देश में ही करने का बड़ा निर्णय लिया है।
एशिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर होगा
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि यह एशिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर होगा और आंध्र प्रदेश देश के लिए एआई डेटा गेटवे के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा, “गूगल, जिसने एक सर्च इंजन के रूप में शुरुआत की थी, अब भारत के विकास का इंजन बन रहा है। वैसे तो हर कोई गूगल पर सर्च करता है, लेकिन इस मामले में गूगल ने सर्च किया और आंध्र प्रदेश को चुना।”
निवेश ‘विकसित भारत 2047’ में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका
Google 5 वर्षों (2026-2030) के बीच 15 अरब डॉलर का निवेश करेगा। इसे भारत के निवेश में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया जा रहा है जिसका उद्देश्य भारत में एक व्यापक AI इकोसिस्टम स्थापित करना है। यह निवेश पीएम मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
एयरटेल और अदाणी करेंगे गूगल के साथ काम
अक्टूबर 2025 में इस प्रोजेक्ट की घोषणा की गई थी। इस प्रोजेक्ट में भारत का पहला गीगावाट-स्केल AI हब शामिल है, जिसमें तीन डेटा सेंटर कैंपस होंगे। इस प्रोजेक्ट में AdaniConnex और Airtel की Nxtra, डेटा सेंटर भवनों और कनेक्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण का नेतृत्व करेंगे, जिससे Google को पूरे भारत में उन्नत (advanced) AI क्षमताओं को तैनात करने और डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
यह AI हब उच्च-प्रदर्शन और कम-विलंबता (low-latency) वाली सेवाएँ प्रदान करेगा, जिनका प्रयोग व्यवसायों और संगठनों को अपने स्वयं के AI-संचालित समाधानों को बनाने और उनका विस्तार करने, अनुसंधान और विकास को तेज़ करने के लिए किया जाएगा।
भारत पूरी दुनिया के लिए मिसाल कायम करेगा
भारती एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा “Google और Adani के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी के ज़रिए, इस ऐतिहासिक AI हब को बनाकर, हम भारत की डिजिटल महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। विशाखापत्तनम के दुनिया के AI मैप पर एक नए हब के तौर पर उभरने के साथ, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत इनोवेशन और टिकाऊ विकास के मामले में न सिर्फ़ अपने लोगों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए मिसाल कायम करे। हमारे बेहतरीन डेटा सेंटर्स का पूरा सेट, ग्रीन पावर का इस्तेमाल, पूरे भारत में अल्ट्रा-लो लेटेंसी फ़ाइबर और अगली पीढ़ी का केबल लैंडिंग स्टेशन, विज़ाग में बड़े पैमाने पर विश्व-स्तरीय AI इंफ़्रास्ट्रक्चर को संभव बनाएगा।”
वैश्विक AI अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा
इस अवसर पर गूगल क्लाउड ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर के उपाध्यक्ष बिकाश कोले (Bikash Koley) ने कहा कि यह एआई हब विकसित भारत 2047 की नींव बनेगा और भारत के डिजिटल परिवर्तन तथा वैश्विक एआई अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारत की एआई यात्रा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है
अदाणी समूह के अध्यक्ष जीत अदाणी ने कहा कि 1 गीगावॉट का हाइपरस्केल एआई डेटा सेंटर भारत की एआई यात्रा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और विशाखापत्तनम को भारत के लिए नए डिजिटल प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करेगा।
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