महिला हॉकी विश्व कप का खिताब अर्जेंटीना ने जीत लिया है। एम्सटेलवीन में खेले गए मुकाबले में अर्जेंटीना ने सह-मेजबान और 9 बार की विश्व चैंपियन नीदरलैंड को 3-1 से करारी शिकस्त दी है।
ऐसा रहा फाइनल मुकाबले का पूरा रोमांच
पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना के लिये विक्टोरिया ग्रानाटो , ब्रिसा ब्रगेसेर और सोफिया काइरो ने गोल दागे जबकि डियाज जो का गोल अमान्य करार दिया गया। वहीं नीदरलैंड के लिये वीन मारिन ने गोल किया जबकि पियेन सैंडर्स, फेलिस अलबर्स और मोएस फ्रीके के निशाने चूक गए।
नारंगी रंग से सराबोर खचाखच भरे वेगनेर स्टेडियम पर इस विश्व कप के आखिरी मैच में नीदरलैंड के लिये पहला गोल 30वें मिनट में दुनिया की नंबर एक ड्रैग फ्लिकर मानी जाने वाली यिब्बी यानसेन ने किया। अर्जेंटीना को मैच में आठ पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से आठवें पर कप्तान मारिया ग्रानाटो ने 54वें मिनट में रिबाउंड पर बराबरी का गोल दागकर मैच को पेनल्टी शूटआउट में खींच दिया।पहले पंद्रह मिनट में मुकाबला बराबरी का रहा और दोनों टीमें एक दूसरे को आजमाती नजर आई। नीदरलैंड ने पहला हमला मैच के आठवें मिनट में बोला जब मार्लिन जोकेम्स ने सर्कल के भीतर गेंद पहुंचाई लेकिन उसे ट्रैप करने के लिये वहां कोई नहीं था। दो मिनट बाद पियेन सैंडर्स ने फिर सर्कल में प्रवेश किया लेकिन अर्जेंटीना के डिफेंडरों ने गेंद को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। अर्जेंटीना की मिरांडा विक्टोरिया ने 13वें मिनट में डच डिफेंस में सेंध लगाने की नाकाम कोशिश की। वहीं पलटवार में डच फारवर्ड पियेन डिके अच्छे मूव को फिनिश तक नहीं ले जा पाई। दूसरे क्वार्टर के चौथे मिनट में नीदरलैंड की सबसे अनुभवी खिलाड़ी और अपना 252वां मैच खेल रही जान डि वार्ड मैदान के बीच से गेंद लेकर आगे बढी और वीन मारिन को दाहिने ओर बढिया पास दिया लेकिन वह गेंद पर नियंत्रण नहीं रख पाई। नीदरलैंड को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर ब्रेक से ठीक पहले आखिरी मिनट में मिला जिस पर यानसेन ने दमदार ड्रैग फ्लिक से टूर्नामेंट में अपना आठवां गोल किया। ब्रेक के बाद अर्जेंटीना को 33वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन इस पर पुश कमजोर थी और वैरिएशन भी नाकाम रहा। अर्जेंटीना ने हमलों का सिलसिला जारी रखा और दो मिनट बाद कप्तान मारिया ग्रानाटो को सर्कल के भीतर बाधा पहुंचने के कारण उसे दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन आगस्टिना गोरजेलानी की ड्रैग फ्लिक को नीदरलैंड की अनुभवी गोलकीपर एन्ने वीनेंनडाल ने आगे बढकर बखूबी बचा लिया।
अर्जेंटीना को तीसरे क्वार्टर के आखिरी दो मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले। पहले पर गोरजेलानी गेंद को ट्रैप नहीं कर सकी और गेंद सर्कल के भीतर ही थी जब रिबाउंड शॉट लेते समय गेंद डिफेंडर के पैर से टकराने पर फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस पर भी गोरजेलानी की ट्रैपिंग खराब रही और उनके पीछे खड़ी साउजे विक्टोरिया का शॉट गोल के ऊपर से निकल गया।अर्जेंटीना के पास बराबरी का सुनहरा मौका था जब यूजेनिया ट्रिंचिनेटी को दाहिने ओर से गेंद मिली और तीन डच डिफेंडरों को छकाते हुए उन्होंने डी के भीतर कप्तान ग्रानाटो को गेंद सौंपी लेकिन उन्होंने नियंत्रण गंवा दिया। नीदरलैंड के लिये फेलिस अलबर्स ने 50वें मिनट में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन यिब्बी उस समय मैदान पर नहीं थी और फ्रेडरिक माल्टा की हिट बाहर की तरफ निकल गई। अर्जेंटीना को जवाबी हमले में मैच का छठा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर गोरजेलानी की फ्लिक डच डिफेंडर के पैर से लगी और अंपायर ने लगातार दूसरे पेनल्टी कॉर्नर का इशारा किया । इस पर भी गोरजेलानी के प्रयास को शानदार फॉर्म में चल रही डच गोलकीपर एन्ने ने विफल कर दिया।
अर्जेटीना को आखिरकार आठवें पेनल्टी कॉर्नर पर कामयाबी मिली जब गोरजेलानी की फ्लिक को रोकते हुए डच गोलकीपर फिसल गई और गोल के दाहिने ओर खड़ी अर्जेंटीना की कप्जान ग्रानाटो ने रिबाउंड पर गेंद को गोल के भीतर डाल दिया।
भाषा मोना नमिता
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