मुंबई की पूर्व अंडर-19 क्रिकेटर अनाया बांगर ने मार्च में लिंग परिवर्तन सर्जरी कराने के बाद क्रिकेट में वापसी की है। उन्हें ऑस्ट्रेलिया में महिला सामुदायिक क्रिकेट खेलने की अनुमति मिल गई है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने अनाया के मेडिकल रिकॉर्ड और शोध रिपोर्ट की जांच की और उन्हें तत्काल प्रभाव से सामुदायिक क्रिकेट खेलने की अनुमति दे दी। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अनाया ऑस्ट्रेलिया में शीर्ष स्तर का क्रिकेट खेलने के लिए योग्य होंगी। उन्हें प्रतिस्पर्धा करने के लिए सीए के मानदंडों को पूरा करना होगा।
क्रिकेट एसोसिएशन (सीए) की नीति के अनुसार, अनाया को कम से कम 12 महीनों तक अपने सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर को 10 nmol/L से नीचे बनाए रखना होगा। सीए की अखंडता प्रमुख जैकी पार्ट्रिज ने अनाया को लिखे पत्र में कहा, “उस तारीख (मार्च 2027) से एलीट क्रिकेट के लिए आपकी पात्रता इस शर्त पर निर्भर है कि ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर आप एक ब्लड टेस्ट प्रस्तुत करें जो इस बात की पुष्टि करे कि आपके सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर 10 nmol/L से नीचे बना हुआ है।”
पत्र में आगे लिखा है “मार्च 2027 तक, आप ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए पात्र रहेंगी। अनाया ने कहा “अगर सब कुछ ठीक रहा और मैंने अच्छा प्रदर्शन किया, तो मुझे डब्ल्यूबीबीएल में खेलने का मौका मिल सकता है । यह मेरे लिए ही नहीं, बल्कि मेरे जैसी अन्य खिलाड़ियों के लिए भी एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।”
बीसीसीआई ने नहीं दिया है कोई जवाब, ICC का रवैया कैसा?
बता दें कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ( बीसीसीआई ) ने अभी तक ट्रांसजेंडर महिलाओं के क्रिकेट खेलने पर कोई नीति नहीं बनाई है। जबकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने 2023 में पुरुष यौवन अवस्था से गुजर चुकी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने से प्रतिबंधित कर दिया था। रिपोर्ट में बीसीसीआई के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि “बीसीसीआई ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि ऐसे मामलों में क्या किया जा सकता है। चूंकि बोर्ड के सामने ऐसा मामला पहली बार आया है, इसलिए उसने अभी तक औपचारिक रूप से कोई रुख नहीं अपनाया है। खासकर घरेलू क्रिकेट में इन्हें अनुमति देने के संबंध में।”
कनाडा की ऑस्ट्रेलियाई मूल की सलामी बल्लेबाज डेनियल मैकगाहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आधिकारिक तौर पर खेलने वाली पहली ट्रांसजेंडर क्रिकेटर बनी थीं। हालांकि, क्रिकेट में ट्रांसजेंडर महिलाओं के खेलने पर आईसीसी की नीति के कारण मैकगाहे का करियर सिर्फ छह अंतरराष्ट्रीय महिला मैचों के बाद ही समाप्त हो गया। अनाया के अनुसार , बीसीसीआई ने अभी तक उनके ईमेल का स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।
संजय बांगर की बेटी हैं अनाया
गौरतलब है कि अनाया के पिता संजय बांगर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर हैं। उन्होंने 2001 से 2004 के बीच भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए 12 टेस्ट और 15 वनडे मैच खेले। संन्यास के बाद संजय ने तत्कालीन मुख्य कोच रवि शास्त्री के मार्गदर्शन में भारतीय बल्लेबाजी कोच के रूप में कार्य किया। उन्होंने विराट कोहली को बल्लेबाजी में खराब दौर से उबरने में भी मदद की।
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