Anand Bakshi Birthday: आज जाने माने गीतकार आनंद बक्शी का 96वां जन्मदिन अर्थात जयंती है। 3 वर्ष बाद उनका जन्म शताब्दी वर्ष आरंभ हो जाएगा। यूं तो उन्हें दुनिया से गुजरे हुए 24 बरस हो गए हैं लेकिन आज भी आकाशवाणी के विभिन्न चैनल्स और कार्यक्रम में तो बक्शी के गीत खूब बजते ही हैं। साथ ही ‘इंडियन आइडल’ और ‘सारेगामा’ जैसे संगीत के शो में युवा पीढ़ी भी बक्शी के गीतों को पसंद करके जम कर गाते हैं। इस कारण उनके लिखे गीत आज भी लोकप्रिय बने हुए हैं।
गौरतलब है कि आनंद बख्शी ने अपने 40 वर्षों के करियर में करीब 650 फिल्मों में 4 हजार से अधिक गीत लिखे। उनके खाते में सुपरहिट गीतों की भरमार हैं जिसमें ये समां..समां है ये प्यार का, सावन का महीना, बिंदिया चमकेगी, झिलमिल सितारों का आँगन होगा, चाँद सी महबूबा हो मेरी, मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू, रूप तेरा मस्ताना, बागों में बहार है, छुप गए सारे नज़ारे जैसे अनेक गीत के नाम शामिल हैं।
आनंद बक्शी ने देशभक्ति पर भी अनेक गीत लिखे हैं। हर कर्म अपना करेंगे, ऐ वतन तेरे लिए, दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए, ये मेरा इंडिया आई लव माई इंडिया, मेरे देश प्रेमियों आपस में प्रेम करो देश प्रेमियों जैसे कई शानदार गीत दिए। इन गीतों में ‘दिल दिया है जां भी देंगे’ और ‘आई लव माई इंडिया’ ने तो लोकप्रियता के नए रिकार्ड बना दिए। इन गीतों से ना सिर्फ उन्होंने देश के प्रति अपनी भावना को दर्शाया बल्कि करोड़ों लोगों के दिलों में देशभक्ति जगाने का काम भी किया।
नहीं मिला कोई राष्ट्रीय पुरस्कार
हालांकि इतना काम करने के बावजूद भी सरकार की तरफ से आनंद बक्शी को कभी भी कोई राष्ट्रीय पुरस्कार नहीं दिया गया। बल्कि भारतीय फिल्म उद्योग से अब तक कितने गीतकारों को सर्वश्रेष्ठ गीतकार का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है। इसके साथ ही उन्हें कोई पद्म पुरस्कार भी नहीं दिया गया। हालांकि अब पिछले बरस दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान आनंद बक्शी को मरणोपरांत पद्म पुरस्कार देने की मांग तेजी से उठाई गई है। इससे उम्मीद है कि सरकार अब आनंद बक्शी को सम्मान देने का काम करेगी।
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