महाराष्ट्र के अमरावती में फूड पॉइजनिंग का कहर देखने को मिला है। दरअसल, मेलघाट के सरकारी आश्रम स्कूल टिटम्बा के 60 से 70 स्टूडेंट को फूड पॉइजनिंग हो गई है। सभी स्टूडेंट्स को धारणी के सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अब सभी स्टूडेंट्स की हालत खतरे से बाहर है।
फूड पॉइजनिंग की चपेट में आ गए 60-70 स्टूडेंट
बता दें कि मेलघाट के धारणी तालुका में सरकारी ट्राइबल आश्रम स्कूल टिटम्बा के लगभग 60 से 70 स्टूडेंट्स को फूड पॉइजनिंग हुई है, इन सभी ने आश्रम में किसी आयोजक की तरफ से दिया गया भोजन किया था, जिसके बाद वे फूड पॉइजनिंग की चपेट में आ गए। इन सभी स्टूडेंट्स का धारणी के हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। गनीमत है कि सभी स्टूडेंट खतरे से बाहर हैं।
हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम और लोकल प्रशासन हुआ अलर्ट
वारदात की जानकारी मिलते ही हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम और लोकल प्रशासन अलर्ट हो गया। बीमार स्टूडेंट्स को तुरंत इलाज के लिए एम्बुलेंस से धारणी सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में ले जाया गया। हॉस्पिटल में डॉक्टरों की निगरानी में सभी स्टूडेंट्स का इलाज जारी है।
अस्पताल में लगा परिजनों का तांता
इतने सारे स्टूडेंट्स को एक साथ फूड पॉइजनिंग होने से हड़कंप मच गया। बच्चों के बीमार होने के बाद उनके परिजनों को भी सूचना दी गई, जिसके बाद अस्पताल के वार्ड में उनकी भीड़ लग गई। हालांकि, बच्चों के खतरे से बाहर होने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
खाने की क्वालिटी को लेकर उठे सवाल
अधिकारियों के मुताबिक, सभी प्रभावित स्टूडेंट्स की हालत फिलहाल स्थिर है। किसी की भी हालत गंभीर नहीं है। स्कूल प्रबंधन से प्रशासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा, भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए खाने की क्वालिटी और स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी जांच हो रही है। इससे पहले महाराष्ट्र के गोंदिया में शादी समारोह में दावत का खाना खाने से 50 से ज्यादा लोग बीमार हो गए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था।
फूड पॉइजनिंग क्या है?
फूड पॉइजनिंग, दूषित भोजन खाने या पानी पीने से होने वाली एक आम बीमारी है। इसके मुख्य लक्षण पेट में दर्द, उल्टी और दस्त हैं। यह प्रॉब्लम हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस या Parasite के शरीर में जाने पर होती है।
ये भी पढ़ें- लंगर का खाना खाने से 100 से ज्यादा लोग बीमार, दो अस्पतालों में चल रहा इलाज
function loadFacebookScript(){
!function (f, b, e, v, n, t, s) {
if (f.fbq)
return;
n = f.fbq = function () {
n.callMethod ? n.callMethod.apply(n, arguments) : n.queue.push(arguments);
};
if (!f._fbq)
f._fbq = n;
n.push = n;
n.loaded = !0;
n.version = ‘2.0’;
n.queue = [];
t = b.createElement(e);
t.async = !0;
t.src = v;
s = b.getElementsByTagName(e)[0];
s.parentNode.insertBefore(t, s);
}(window, document, ‘script’, ‘//connect.facebook.net/en_US/fbevents.js’);
fbq(‘init’, ‘1684841475119151’);
fbq(‘track’, “PageView”);
}
window.addEventListener(‘load’, (event) => {
setTimeout(function(){
loadFacebookScript();
}, 7000);
});
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.