अमेरिका में शराब की खपत घट रही है। इसका सबसे बड़ा असर रेस्तरां बिजनेस पर पड़ रहा है। 2025 के गैलप पोल के मुताबिक अमेरिका में शराब पीने वालों की हिस्सेदारी निचले स्तर पर है। सिर्फ 54% लोगों ने कहा कि वे शराब पीते हैं। जो पीते हैं, वे भी पहले से कम पी रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण सेहत पर असर और शराब की कीमतों में बढ़ोतरी माना जा रहा है। 2025 में 31% अमेरिकी ऑपरेटर्स ने शराब बिक्री में गंभीर गिरावट की बात कही। न्यू जर्सी के मोंटक्लेयर में रेस्टोरेंट चलाने वाले डेमन वाइज ने बताया कि पहले उनकी कमाई का फॉर्मूला 40% खाना और 60% शराब था। पहले 50-50 हुआ। फिर 70% कमाई खाने से और सिर्फ 30% शराब से आने लगी। मिलेनियल्स ने कम की शराब, जेन-जी ने फेरा मुंह
टेक्नोमिक की 2026 रिपोर्ट के अनुसार, शराब के सबसे बड़े शौकीन रहे मिलेनियल्स (31-45 वर्ष) अब इससे दूरी बना रहे हैं। वहीं जेन-जी युवा उस खालीपन को नहीं भर पा रहे हैं। वे रेस्टोरेंट में अक्सर सिर्फ एक ड्रिंक और फोटो तक सीमित हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक महंगाई या कैनाबिस जैसे विकल्पों के कारण नई पीढ़ी शराब पर पैसा खर्च नहीं करना चाहती। सेहत, आदतें और जीएलपी-1 दवाएं भी एक बड़ी वजह जनवरी 2025 में यूएस सर्जन जनरल विवेक मूर्ति की रिपोर्ट में हल्की या मध्यम शराब खपत को भी कैंसर रिस्क से जोड़ा गया। इसके अलावा सेहत को लेकर बढ़ती जागरूकता, पीढ़ियों की बदलती आदतें और करीब 6% अमेरिकियों का जीएलपी-1 दवाओं का इस्तेमाल भी वजह मानी जा रही है। इन दवाओं से शराब की इच्छा कम होने के संकेत मिले हैं। महंगी शराब और बेरोजगारी ने तोड़ी युवाओं की कमर लॉस एंजिल्स के व्यवसायी डस्टिन लैंकेस्टर के अनुसार बढ़ती लागत युवाओं को शराब से दूर कर रही है। पहले व्हिस्की और बीयर 8 डॉलर यानी करीब 730 रुपए में मिल जाती थी, जिसकी कीमत अब 20 डॉलर यानी 1,800 रुपए तक पहुंच गई है। टेक्नोमिक रिपोर्ट के मुताबिक 9.2% बेरोजगारी दर के कारण जेन-जी की जेब पर भी दबाव बढ़ा है।
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